रूस में फंसे भारतीयों की रिहाई से लेकर ब्रिक्स तक, विदेश मंत्रालय ने दी अहम जानकारी

HIGHLIGHTS
- ओडेसा बंदरगाह से निकले जहाज पर हमले के बाद भारत ने लापता नागरिकों की तलाश जारी होने की जानकारी दी।
- रूस में मौजूद भारतीयों की वापसी के लिए अब तक 139 नागरिकों की रिहाई कराई गई।
- विदेश मंत्रालय ने पीओजेके, ब्रिक्स और एमनेस्टी रिपोर्ट समेत कई मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा।
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए जहाज एमवी एजीएन रैगनर पर हुए हमले के बाद चालक दल में शामिल चार भारतीयों में से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो भारतीय अभी भी लापता हैं।
इसके अलावा रूसी सेना में मौजूद भारतीय नागरिकों की रिहाई, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की स्थिति, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, अमेरिकी सीनेट के विधेयक और एमनेस्टी की रिपोर्ट जैसे मुद्दों पर भी विदेश मंत्रालय ने भारत का पक्ष रखा।
यूक्रेन जहाज हमले में दो भारतीय अब भी लापता
रणधीर जायसवाल ने बताया कि 25 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे एमवी एजीएन रैगनर पर हमला हुआ था। जहाज के चालक दल में चार भारतीय शामिल थे, जिनमें से दो सुरक्षित हैं और दो अब भी लापता हैं।
उन्होंने बताया कि यूक्रेन और रोमानिया दोनों की ओर से खोज और बचाव अभियान चलाया गया है। भारत लगातार दोनों देशों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीयों के बारे में जानकारी मिल सके। विदेश मंत्रालय लापता भारतीयों के परिवारों के संपर्क में भी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
रूसी सेना में फंसे भारतीयों की रिहाई पर मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी सेना में मौजूद भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए रूस के साथ लगातार बातचीत जारी है। अब तक 139 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है।
मंत्रालय के अनुसार, अभी भी करीब दो दर्जन भारतीय नागरिकों की रिहाई के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को संदिग्ध एजेंसियों की ओर से दिए जाने वाले जोखिम भरे नौकरी के प्रस्तावों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर भारत की तैयारी
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस बार भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि निमंत्रण और अन्य तकनीकी मामलों की जानकारी बाद में साझा की जाएगी। अमेरिकी सीनेट के विधेयक पर उन्होंने कहा कि भारत इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल है और देश अपनी जरूरतों को विभिन्न स्रोतों, जिसमें अमेरिका भी शामिल है, से पूरा करता रहेगा।
एमनेस्टी रिपोर्ट पर भारत ने रखा पक्ष
एमनेस्टी की रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए मजबूत कानूनी और नियामकीय व्यवस्था मौजूद है।
मंत्रालय ने कहा कि भारत दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं और तकनीकों का निर्यात अपने राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार करता है। सभी निर्यात तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किए जाते हैं।
पीओजेके को लेकर पाकिस्तान पर लगाए आरोप
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान प्रशासन पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई में 40 से अधिक निर्दोष लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा प्रदर्शनकारियों को दुश्मन बताना वहां के लोगों के प्रति प्रशासन के रवैये को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि जिन मुजाहिदीनों को पाकिस्तान ने प्रशिक्षित किया, आर्थिक सहायता दी और हथियार उपलब्ध कराए थे, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि पीओजेके के लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से स्वतंत्र जांच की मांग की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच कराने और उसे जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया है।
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