सहारा समूह की संपत्तियों की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी की अपील

सहारा समूह ने अपनी चल और अचल संपत्तियों को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के एम्बी वैली और लखनऊ के शाहरा शहर सहित अन्य संपत्तियों की बिक्री की अनुमति मांगी गई है। याचिका पर सुनवाई 14 अक्तूबर को होने की संभावना है।
याचिका में कहा गया है कि समूह ने अब तक कुल 24,030 करोड़ रुपये में से लगभग 16,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री कर सेबी-सहारा रिफंड खाते में जमा कर दी है। सहारा समूह का कहना है कि सुब्रत रॉय के निधन के बाद समूह के पास कोई सक्रिय निर्णयकर्ता नहीं है, और उनके परिवार के सदस्य दैनिक प्रबंधन में शामिल नहीं थे।
एसआईसीसीएल ने बताया कि कई लंबित मुकदमों और जांच एजेंसियों की पूछताछ के कारण संपत्तियों की बिक्री जटिल हुई। इसके बावजूद समूह ने निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्तियों को शीघ्र और अधिकतम मूल्य पर बेचने का निर्णय लिया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ व्यक्तियों ने पुराने बोर्ड प्रस्तावों पर भरोसा करते हुए बिना प्राधिकरण के संपत्तियों से निपटने का प्रयास किया, जिससे समूह की संपत्तियों की सुरक्षा और न्यायालय के आदेशों का पालन प्रभावित हो सकता है।
सहारा समूह का कहना है कि यह कदम सभी हितधारकों, विशेषकर निवेशकों के हित में उठाया गया है।
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