दक्षिण अफ्रीका में गोलीबारी से दहला इलाका, चार लोगों की मौत

HIGHLIGHTS
- दक्षिण अफ्रीका के कैटलेहोंग टाउनशिप में मंगलवार देर रात गोलीबारी हुई।
- घटना में चार लोगों की मौत हुई और तीन अन्य घायल हो गए।
- घायलों में कम से कम एक बच्चा भी शामिल है।
दक्षिण अफ्रीका में एक स्थानीय राजनेता की स्मृति सभा से वापस लौट रहे लोगों पर एक बंदूकधारी ने हमला कर दिया। इस गोलीबारी में कम से कम चार लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को घटना की जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात जोहानिसबर्ग के दक्षिण-पूर्व में स्थित कैटलेहोंग टाउनशिप में यह वारदात हुई। घायलों में कम से कम एक बच्चा भी शामिल है। घटना को अंजाम देने के बाद संदिग्ध ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
घटनास्थल पर दो लोगों की मौत, अस्पताल में दो ने दम तोड़ा
पुलिस ने शुरुआती जानकारी में बताया था कि गोलीबारी के दौरान घटनास्थल पर दो लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, बुधवार को अस्पताल में भर्ती दो अन्य घायलों ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई।
दक्षिण अफ्रीकी पुलिस सेवा ने बयान जारी कर बताया कि मामले की जांच राजनीतिक हत्याओं से जुड़े विशेष जांच दल को सौंप दी गई है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों में कुछ लोग अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) की युवा शाखा के सदस्य थे। एएनसी दक्षिण अफ्रीका की संसद में सबसे बड़ी पार्टी है। रिपोर्टों में बताया गया है कि जिस स्मृति सभा से लोग लौट रहे थे, वह एएनसी की एक महिला नेता के लिए आयोजित की गई थी। महिला की इसी महीने की शुरुआत में गोलीबारी की एक घटना में मौत हो गई थी। उस घटना के पीछे राजनीतिक वजह होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मृतकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दक्षिण अफ्रीका में राजनीतिक हत्याओं की आशंका
दक्षिण अफ्रीका में गोलीबारी और बंदूक से जुड़े अपराधों की दर काफी अधिक है। देश में स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण भी गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
ग्लोबल इनिशिएटिव अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम की इसी महीने जारी रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका में इस साल अब तक 43 ऐसी हत्याएं हो चुकी हैं, जिनके पीछे राजनीतिक कारण होने का संदेह है।
दक्षिण अफ्रीका में चार नवंबर को स्थानीय चुनाव होने हैं। इन चुनावों के जरिए नगर निकायों और नगरपालिका परिषदों पर राजनीतिक दलों के नियंत्रण का फैसला होगा।
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