जम्मू-कश्मीर: पुलिस थाने में हंगामे के आरोप में सेना के 40 जवानों पर केस

किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में अठोली पुलिस स्टेशन परिसर में कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, हंगामा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में सेना के कमांडिंग ऑफिसर सहित करीब 40 जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना 24 जून दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों और एफआईआर के अनुसार, उस समय एएसपी प्रदीप सिंह अपनी टीम और एआरटीओ तसलीम वानी के साथ पाडर क्षेत्र में यातायात नियमों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक सैन्य अधिकारी के निजी वाहन को रोककर जांच की गई और उसे जब्त कर अठोली थाने लाया गया। हालांकि बाद में वाहन छोड़ दिया गया, लेकिन इसी कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सेना की ओर से यह दावा किया गया कि वाहन सैन्य उपयोग में है और किराये पर लिया गया था, लेकिन पुलिस जांच के बाद उसे जब्त कर लिया गया था। इसी घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
एफआईआर में आरोप है कि 17 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान थाना परिसर में घुसे और वहां पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस दौरान एसडीपीओ विजय कुमार भगत और एसपीओ सुरेश कुमार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके अलावा थाने के मुख्य गेट, कुछ वाहनों और अन्य सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।
एफआईआर में कमांडिंग ऑफिसर एन. अरुण गांधी, मेजर विकास शर्मा, नायब सूबेदार शंकर गुरखे, सिपाही राज कुमार, राहुल कुमार, अनूप सिंह, ओमकार इंगले सहित अन्य अज्ञात सैन्यकर्मियों के नाम दर्ज किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि घटना के समय थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अमृत कोटाच डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में चल रही बैठक में मौजूद थे। बाद में उन्हें सूचना मिली कि कमांडिंग ऑफिसर के निर्देश पर थाना परिसर में हंगामा हुआ है।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि इस दौरान एआरटीओ और उनके सुरक्षा कर्मियों के साथ भी कथित रूप से हाथापाई की गई और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिनमें गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, आपराधिक घुसपैठ, सरकारी कार्य में बाधा, गंभीर चोट पहुंचाना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर आदर्श कांत को सौंपी गई है।
वहीं, सेना की ओर से जम्मू स्थित पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि मामला पुलिस की एफआईआर से संबंधित है और जांच प्रक्रिया जारी है। सेना ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी और संयुक्त जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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