मासूम को न्याय दिलाने के लिए लखनऊ कूच करेगी भाकियू (तोमर)

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर: बागपत में तीन वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म की घटना को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।
- संगठन ने कहा है कि 29 जून को कार्यकर्ता लखनऊ कूच करेंगे और 30 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग रखेंगे।
- मुजफ्फरनगर में हुई संगठन की अहम बैठक यह निर्णय बुधवार दोपहर करीब 3 बजे मुजफ्फरनगर स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय में हुई विशेष बैठक में लिया गया।
- बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने की।…
मुजफ्फरनगर: बागपत में तीन वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म की घटना को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने कहा है कि 29 जून को कार्यकर्ता लखनऊ कूच करेंगे और 30 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग रखेंगे।
मुजफ्फरनगर में हुई संगठन की अहम बैठक
यह निर्णय बुधवार दोपहर करीब 3 बजे मुजफ्फरनगर स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय में हुई विशेष बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने की। उन्होंने घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
संजीव तोमर ने आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध में पुलिस ने केवल गिरफ्तारी कर आरोपी को जेल भेजने की औपचारिक कार्रवाई की, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पीड़ित परिवार को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे परिजनों को खुद ही बच्ची का इलाज कराना पड़ा।
पुलिस से दुर्व्यवहार का आरोप
भाकियू (तोमर) अध्यक्ष ने दावा किया कि 22 जून को जब संगठन के पदाधिकारी और पीड़ित परिवार बागपत पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया गया। इस घटना से संगठन में गहरा रोष है।
29 जून को लखनऊ कूच, 30 जून को सीएम से मुलाकात
बैठक में तय किया गया कि प्रदेशभर से कार्यकर्ता 29 जून को लखनऊ पहुंचेंगे और 30 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय तक न्याय मार्च निकालेंगे।

संगठन ने मांग की है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, आरोपी को जल्द सख्त सजा मिले, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बच्ची के बेहतर इलाज और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
भाकियू (तोमर) ने यह भी कहा है कि मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके।
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