बजट में ईवी सेक्टर को राहत, बैटरी पर ड्यूटी छूट का ऐलान

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार नौवां आम बजट पेश करते हुए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से ईवी कंपनियां बैटरी लागत कम करने की मांग कर रही थीं, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने बैटरी निर्माण से जुड़े जरूरी सामान पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने का फैसला किया है।
बैटरी से जुड़ी मशीनरी पर टैक्स में राहत
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि अब लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और पूंजीगत उपकरणों को वही कर राहत मिलेगी, जो पहले कुछ सीमित बैटरी इकाइयों को मिलती थी।
साथ ही, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए जरूरी लिथियम-आयन सेल बनाने वाले उपकरण भी इस छूट के दायरे में आएंगे। इसके अलावा सोलर ग्लास के निर्माण में लगने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने का प्रस्ताव किया गया है।
क्यों अहम हैं लिथियम-आयन सेल
आज की ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारें, स्कूटर और प्लग-इन हाइब्रिड वाहन लिथियम-आयन बैटरी तकनीक पर आधारित हैं। ये बैटरियां ज्यादा ऊर्जा संग्रह कर सकती हैं, वजन में हल्की होती हैं और लंबे समय तक काम करती हैं, इसलिए ईवी उद्योग में इनकी मांग सबसे ज्यादा है।
सस्ती बैटरी, सस्ते ईवी
सरकार के इस फैसले से बैटरी निर्माण की लागत घटने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों पर पड़ेगा। फिलहाल ईवी की ऊंची कीमत का सबसे बड़ा कारण बैटरी की महंगाई है। जैसे-जैसे बैटरियां सस्ती होंगी, वैसे-वैसे ईवी आम उपभोक्ताओं की पहुंच में आएंगे।
देश में बढ़ेगा बैटरी उत्पादन
ड्यूटी में राहत से कंपनियों को अब बैटरी सेल आयात करने के बजाय भारत में ही फैक्ट्रियां लगाने और विस्तार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे न सिर्फ लागत कम होगी, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।
भविष्य में इसका असर यह होगा कि
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ईवी कार, बाइक और बसें सस्ती होंगी
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बैटरियों की उपलब्धता सुधरेगी
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आयात पर निर्भरता घटेगी
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ग्राहकों को बेहतर सर्विस और लंबी वारंटी मिलने की संभावना बढ़ेगी
मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत
इस नीति का सबसे बड़ा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जो एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार या टू-व्हीलर खरीदने की योजना बना रहे हैं। बैटरी सस्ती होने से ईवी की कीमत घटेगी और हरित वाहन अब ज्यादा लोगों की पहुंच में आ सकेंगे।
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