सर्राफा बाजार में हड़कंप, सोना-चांदी में भारी गिरावट

लगातार नई ऊंचाइयों को छूने के बाद शुक्रवार को सर्राफा बाजार में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के ठीक अगले दिन चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक टूट दर्ज की गई। एक ही सत्र में चांदी करीब 20,000 रुपये प्रति किलो लुढ़क गई। मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट आई।
चांदी ने गंवाई चमक
गुरुवार को सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद शुक्रवार को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। पीटीआई के अनुसार, दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 20,000 रुपये टूटकर 3,84,500 रुपये प्रति किलो (सभी करों सहित) पर आ गई। इससे पहले चांदी 4,04,500 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी, जहां उसने एक ही दिन में करीब 19,500 रुपये की छलांग लगाई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव साफ दिखा। स्पॉट सिल्वर करीब 12 प्रतिशत गिरकर 101.47 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि दिन के कारोबार के दौरान यह 95.26 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक फिसल गई थी।
सोने में भी भारी करेक्शन
सोने की कीमतों में भी बिकवाली का असर दिखा। दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 14,000 रुपये टूटकर 1,69,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एक दिन पहले ही सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।
गिरावट के पीछे ये बड़े कारण
-
मुनाफावसूली का दबाव – एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, कई सत्रों से जारी तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने अपने मुनाफे सुरक्षित करने के लिए पोजीशन घटाईं, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ गई।
-
अमेरिका में राजनीतिक राहत – कोटक सिक्योरिटीज की कायनात चैनवाला ने बताया कि अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रम्प और सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच शटडाउन टालने को लेकर बनी सहमति से निवेशकों की जोखिम से बचाव वाली रणनीति कमजोर पड़ी, जिससे बुलियन की मांग घटी।
-
फेड और डॉलर फैक्टर – इनक्रेड मनी के सीईओ विजय कप्पा के मुताबिक, फेडरल रिजर्व के नए प्रमुख को लेकर अनिश्चितता के चलते डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती आई है, जो कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है। साथ ही बाजार तकनीकी रूप से पहले ही ओवरबॉट स्थिति में था, जिससे करेक्शन की आशंका बनी हुई थी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.