पायरेटेड कंटेंट को लेकर टेलीग्राम पर सख्ती, केंद्र सरकार ने भेजा नोटिस

नई दिल्ली: देश में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, खासकर एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के बीच यह काफी लोकप्रिय है। शुरुआत में इसे एक मुफ्त मैसेजिंग ऐप के रूप में पेश किया गया था, लेकिन समय के साथ यह प्लेटफॉर्म फिल्मों और वेब सीरीज जैसे पायरेटेड कंटेंट के प्रसार को लेकर चर्चा में आने लगा है।
अब इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने टेलीग्राम को नोटिस जारी कर प्लेटफॉर्म पर मौजूद पायरेटेड सामग्री को हटाने के निर्देश दिए हैं।
आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत यह नोटिस भेजा है। सरकार ने टेलीग्राम से कहा है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े कंटेंट को जल्द से जल्द हटाया जाए।
यह कार्रवाई कई बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म—जैसे अमेजन प्राइम वीडियो और जियोसिनेमा—की शिकायतों के बाद की गई है। इन कंपनियों ने आरोप लगाया था कि टेलीग्राम पर उनकी फिल्मों और वेब सीरीज को अवैध रूप से साझा किया जा रहा है।
जांच के दौरान ऐसे 3,000 से अधिक टेलीग्राम चैनलों की पहचान की गई, जिनके जरिए फिल्मों और ओटीटी कंटेंट की पायरेसी की जा रही थी।
फिल्म इंडस्ट्री को होता है नुकसान
फिल्म और वेब कंटेंट की पायरेसी लंबे समय से मनोरंजन उद्योग के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। निर्माताओं का कहना है कि अवैध रूप से कंटेंट साझा होने से फिल्मों और वेब सीरीज की कमाई पर बड़ा असर पड़ता है।
सरकार की इस कार्रवाई को फिल्म और ओटीटी इंडस्ट्री के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पायरेसी पर प्रभावी नियंत्रण होता है तो इससे कंटेंट क्रिएटर्स और प्रोड्यूसर्स को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
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