चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारी झांग यूक्सिया बर्खास्त, गद्दारी और भ्रष्टाचार के आरोप

बीजिंग। चीन की सरकार ने एक चौंकाने वाले कदम में सेना के उपाध्यक्ष और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले झांग यूक्सिया को पद से हटा दिया है। झांग और जिनपिंग बचपन के दोस्त रहे हैं, लेकिन अब चीन के सैन्य अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि झांग ने पैसे के लिए देश के खिलाफ गद्दारी की।
सूत्रों के अनुसार, झांग ने अमेरिका को परमाणु हथियारों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की। यह रिपोर्ट चीन के परमाणु कार्यक्रम संचालित करने वाली सरकारी कंपनी चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन के पूर्व महाप्रबंधक गु जून ने राष्ट्रपति जिनपिंग को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि 75 वर्षीय झांग ने अमेरिकी एजेंसियों को चीन के परमाणु हथियारों और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई।
चीन के मीडिया में सफाई अभियान
पीएलए डेली ने झांग को हटाने के फैसले को सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के रूप में पेश किया। अख़बार ने लिखा कि राष्ट्रपति जिनपिंग किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। चीन की सियासी गलियारियों में यह चर्चा भी है कि झांग जिनपिंग के खिलाफ साजिश में शामिल हो सकते थे।
झांग यूक्सिया की पृष्ठभूमि
झांग का जन्म 1950 में बीजिंग में हुआ। उनके पिता झांग योक्सम चीन के प्रसिद्ध क्रांतिकारी नेता थे। झांग 1968 में सेना में शामिल हुए और 2012 में जब जिनपिंग राष्ट्रपति बने, उन्हें उच्च पद मिला। 2017 में उन्हें सेना में उपाध्यक्ष का पद सौंपा गया, जो राष्ट्रपति के बाद सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता है। झांग 2027 में रिटायर होने वाले थे।
भ्रष्टाचार से जूझ रही चीन की सेना
चीन की सेना भ्रष्टाचार के मामलों से लगातार परेशान रही है। 2023 से अब तक 80 से अधिक सैन्य अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया गया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार 2024 में विश्व के अन्य देशों ने हथियारों का बड़ा कारोबार किया, जबकि चीन भ्रष्टाचार और प्रशासनिक समस्याओं के कारण इस मामले में पिछड़ गया, जिससे उसे राजस्व हानि का सामना करना पड़ा।
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