बॉर्डर स्टेट में रहने वाले हर परिवार की नागरिकता की जांच जरूरी: हिमंत बिस्व सरमा

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बांग्लादेश सीमा से जुड़ी घुसपैठ, जनसांख्यिकीय बदलाव और सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि असम समझौते के बाद केवल असम-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी पर ध्यान देना एक रणनीतिक भूल साबित हुई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बांग्लादेश से सटी लगभग 1600 किलोमीटर लंबी पूरी सीमा को एक साथ और सभी राज्यों में समान रूप से सुरक्षित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार के प्रयासों से मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा कार्यों में तेजी आई है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की नागरिकता की समीक्षा की जा सकती है, ताकि अवैध घुसपैठ और उससे जुड़े प्रभावों को नियंत्रित किया जा सके।
"सीमा सुरक्षा में असंतुलन रही बड़ी चूक"
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम समझौते के समय सीमा सुरक्षा का दायरा सीमित रखा गया था, जबकि आवश्यकता पूरे सीमा क्षेत्र को एक साथ सुरक्षित करने की थी। उनका कहना है कि यदि एक हिस्से में बाड़बंदी हो और दूसरे हिस्से में न हो, तो सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं रह सकती।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और असम के मनकाचर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा तभी सफल हो सकती है जब सभी संवेदनशील हिस्सों में समान व्यवस्था लागू हो। उन्होंने यह भी दावा किया कि लंबे समय तक इसी असंतुलन के कारण अवैध घुसपैठ की समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी।
सीमा बाड़बंदी की मौजूदा स्थिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेघालय में सीमा बाड़बंदी का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि त्रिपुरा में यह कार्य करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। मिजोरम में भी निर्माण कार्य जारी है, और पश्चिम बंगाल में अब इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि 1985 के असम समझौते में जिन लक्ष्यों की बात की गई थी, उनका वास्तविक क्रियान्वयन पिछले कुछ वर्षों में गति पकड़ रहा है। उनके अनुसार, सीमा सुरक्षा को मजबूत किए बिना अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है।
जनसांख्यिकीय बदलाव पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव के अध्ययन के लिए केंद्र सरकार ने एक समिति गठित की है। यह समिति स्थिति का आकलन कर जरूरी सुझाव देगी।
असम सरकार ने केंद्र को यह भी प्रस्ताव दिया है कि सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले सभी परिवारों की नागरिकता की जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है, जिस पर आने वाले समय में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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