राम मंदिर में बढ़ा सोने-चांदी का चढ़ावा, 10 दिनों में मिला इतना दान

HIGHLIGHTS
- राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में बढ़ोतरी, 10 दिनों में करीब 1 किलो सोना और 3 किलो चांदी अर्पित की गई।
- कर्नाटक के श्रद्धालु ने रामलला को 600 ग्राम चांदी से बना हार भेंट किया, दान की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था जारी।
- 17 अगस्त को रामलला स्वर्ण झूले पर विराजेंगे, 15 अगस्त से अयोध्या में सावन मेले की शुरुआत होगी।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से सोने और चांदी के चढ़ावे में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में भक्तों ने करीब एक किलोग्राम सोना और लगभग तीन किलोग्राम चांदी दान के रूप में अर्पित की है। सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ मंदिर में बहुमूल्य धातुओं का चढ़ावा भी बढ़ रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, सोने और चांदी के रूप में मिलने वाले सभी दान को तय सुरक्षा व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा जा रहा है। प्रत्येक दान का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है और उसे स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाता है। दान से जुड़ा ऑनलाइन डेटा भी संरक्षित किया जा रहा है, जिसमें दान की तारीख, दानकर्ता का नाम और पता दर्ज किया जाता है। इसके बाद ट्रस्ट की प्रक्रिया के अनुसार धातुओं की शुद्धता की जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य कीमती वस्तुएं बड़ी संख्या में रामलला को अर्पित की हैं। पिछले दस दिनों में मिला करीब एक किलो सोना और तीन किलो चांदी इसी तरह के दान में शामिल है।
बताया जा रहा है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद नकद और आभूषणों के रूप में मिलने वाले दान में कमी आई थी। हालांकि, सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद एक बार फिर दान में तेजी देखी जा रही है।
बुधवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को राम मंदिर में क्रमश: 75 हजार, सवा लाख और 80 हजार श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। भक्तों की बढ़ती संख्या के साथ नकद चढ़ावे के अलावा सोने-चांदी का दान भी लगातार प्राप्त हो रहा है।
कर्नाटक के श्रद्धालु ने भेंट किया 600 ग्राम चांदी का हार
ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर परिसर में सात दान काउंटर और 33 दान पात्र हैं। दान काउंटर पर दान देने के बाद श्रद्धालुओं को तुरंत रसीद उपलब्ध कराई जाती है।
दान काउंटर नंबर तीन पर बुधवार को एक ग्राम सोना और पांच ग्राम चांदी का दान प्राप्त हुआ। वहीं, दान काउंटर नंबर चार पर बृहस्पतिवार को कर्नाटक के एक श्रद्धालु ने 600 ग्राम चांदी से बना हार रामलला को अर्पित किया।
इसके अलावा सोमवार को दान काउंटर नंबर एक पर सोने और चांदी के सिक्के दान में मिले। रविवार को दान काउंटर नंबर सात पर एक दंपती ने सोने और चांदी के आभूषण अर्पित किए थे।
17 अगस्त को स्वर्ण झूले पर विराजेंगे रामलला
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस वर्ष होने वाले झूलनोत्सव और सावन उत्सव की तैयारियां तेज कर दी हैं। रामलला सावन शुक्ल पंचमी यानी 17 अगस्त को स्वर्ण झूले पर विराजमान होंगे।
मंदिर परिसर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी धर्म समिति को दी गई है। समिति उत्सव के प्रत्येक चरण की योजना तैयार कर रही है।
रामलला को स्वर्ण झूले पर विराजमान करने, प्रतिदिन झूला दर्शन, भजन, कजरी, सावन गीत और अन्य धार्मिक आयोजनों का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। जल्द ही धर्म समिति की बैठक में अंतिम कार्ययोजना को मंजूरी दिए जाने की संभावना है।
ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी भी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से ट्रस्टियों और समिति से जुड़े संतों के साथ चर्चा की और उत्सव को भव्य स्वरूप देने की बात कही। वहीं अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्णमोहन भी आयोजन से जुड़े संतों और पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास को भी तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
15 अगस्त से शुरू होगा सावन मेला
रामनगरी में झूलनोत्सव की शुरुआत 15 अगस्त से मणि पर्वत पर पारंपरिक आयोजन के साथ होगी। राम मंदिर में पंचमी के दिन झूला उत्सव की परंपरा है, जिसके तहत 17 अगस्त को रामलला को गर्भगृह में झूले पर विराजमान किया जाएगा।
श्रद्धालु करीब 20 फीट की दूरी से रामलला के झूला दर्शन कर सकेंगे। इस बार रामलला के साथ मंदिर परिसर के पूरक मंदिरों में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है।
इसके अलावा मंदिर के उत्सव विग्रह को मणि पर्वत की पारंपरिक यात्रा में शामिल करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
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