पाकिस्तान में इमरान खान को दी गई डील के दावों ने राजनीतिक बहस बढ़ाई

पाकिस्तान की राजनीति में फिर से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का मामला गरमाया है। दो साल से अधिक समय से जेल में बंद इमरान खान को लेकर नया विवाद उभर आया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी सहयोगी राणा सनाउल्लाह ने खुलासा किया कि खान को दो अलग-अलग मौकों पर जेल से छूट या डील की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
राणा सनाउल्लाह ने एक टॉक शो में बताया कि पहली पेशकश फेडरल इंटरियर मिनिस्टर मोहसिन नकवी और तब के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गांडापुर ने नवंबर 2024 से पहले की थी। दूसरी पेशकश हाल ही में विदेश से कुछ लोगों की ओर से आई। राणा के अनुसार, खान ने शुरू में डील स्वीकार की थी, लेकिन बाद में पीछे हट गए।
राजनीतिक हल पर राणा का बयान
राणा ने कहा कि सरकार राजनीतिक समाधान चाहती है, लेकिन खान इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनका उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना और वर्तमान सरकार को समाप्त करना है। उन्होंने यह भी कहा कि तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ ने सेना के साथ बातचीत करके अपने और पार्टी के लिए रास्ता निकाला था।
संघीय मंत्री अत्ताउल्लाह तरार का जवाब
राणा के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए संघीय सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि इमरान खान को कोई डील या राहत नहीं दी जा रही। किसी भी तरह की छूट का दावा पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, पूर्व पीएम कानून के अनुसार दोषी हैं।
खान परिवार की चिंताएँ
इमरान खान के परिवार और पार्टी ने उनकी स्वास्थ्य देखभाल को लेकर चिंता जताई है। वे चाहते हैं कि खान का आंखों का इलाज शिफा हॉस्पिटल, इस्लामाबाद में किया जाए, जहां उनके निजी चिकित्सक मौजूद रहें। वकील सलमान सफदर ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि 73 वर्षीय पूर्व पीएम ने जेल में दाईं आंख की लगभग 85% दृष्टि खो दी है। उनकी बहन नोरीन खान ने कहा कि इमरान खान जेल में असहनीय यातनाओं का सामना कर रहे हैं और देश गैरकानूनी और गैर-इस्लामी शासन के अधीन है।
पूर्व क्रिकेटर और राजनीतिक नेता इमरान खान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में बंद हैं, और इसे लेकर पाकिस्तानी राजनीतिक गलियारों में बहस लगातार जारी है।
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