कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, सात गोल्ड के साथ अभियान खत्म
By Hitesh — August 2, 2026

HIGHLIGHTS
- अंकुश पांघल ने पुरुषों की 80 किग्रा कैटेगरी में भारत को सातवां गोल्ड दिलाया।
- साक्षी चौधरी और प्रिया घांघस ने फाइनल में शानदार जीत दर्ज की।
- भारत ने कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
Author: — Dainik Dehat
नई दिल्ली। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना अभियान रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदकों के साथ समाप्त किया। शनिवार को पुरुषों की 90+ किलोग्राम कैटेगरी में नरेंद्र ने रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड के डमार थॉमस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
पुरुषों के 90+ किलोग्राम फाइनल में नरेंद्र सर्वसम्मत फैसले से 0-5 से हार गए और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
भारत ने बॉक्सिंग मेडल टैली में सात स्वर्ण और तीन रजत पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग के इतिहास में यह भारत का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा।
अंकुश पांघल ने दिलाया सातवां गोल्ड
शनिवार को दिन की शुरुआत में अंकुश पांघल ने पुरुषों की 80 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया।
भारत के अन्य स्वर्ण पदक विजेताओं में सचिन सिवाच, जैस्मिन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और प्रिया घांघस शामिल रहे।
साक्षी चौधरी ने जीता पहला कॉमनवेल्थ खिताब
महिलाओं की 51 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल में 25 वर्षीय साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
यह बॉक्सिंग में भारत का दिन का तीसरा गोल्ड मेडल था। इससे पहले प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं। साक्षी के लिए यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स खिताब रहा।
प्रिया घांघस ने भी जीता स्वर्ण
साक्षी की जीत के कुछ ही समय बाद प्रिया घांघस ने भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने महिलाओं की 60 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिएह को 4-1 से हराया।
इसके साथ ही बॉक्सिंग में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई।
अरुंधति चौधरी ने दिलाया पांचवां गोल्ड
इसके करीब एक घंटे के अंदर भारत के खाते में पांचवां स्वर्ण पदक आया। अरुंधति चौधरी ने महिलाओं की 70 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड मेडल जीता।
इसके साथ ही भारत ने बॉक्सिंग में किसी भी कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में पांच स्वर्ण पदक जीतने का अपना सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया।
साक्षी ने शानदार तकनीक से जीता मुकाबला
साक्षी चौधरी ने मुकाबले के पहले राउंड में सर्वसम्मत फैसले से बढ़त बनाई। उन्होंने अपनी रेंज का सही इस्तेमाल करते हुए शानदार जैब लगाए और रूबी व्हाइट को दबाव में रखा।
रूबी व्हाइट ने वापसी की कोशिश की और कुछ अच्छे पंच कॉम्बिनेशन लगाए। वह साक्षी के चेहरे पर ओवरहैंड क्रॉस पंच लगाने में भी सफल रहीं, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने अपनी बॉडी मूवमेंट और फुटवर्क के दम पर मुकाबले में बढ़त बनाए रखी।
व्हाइट के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद साक्षी चौधरी को 4-1 के फैसले से जीत मिली।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन
- गोल्ड: प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम फाइनल में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराया।
- गोल्ड: जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 से हराया।
- सिल्वर: जादुमणि सिंह ने पुरुषों के 55 किलोग्राम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन के खिलाफ रजत पदक जीता।
- गोल्ड: साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलोग्राम फाइनल में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराया।
- गोल्ड: प्रिया घांघस ने महिलाओं के 60 किलोग्राम फाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिएह को 4-1 से हराया।
- गोल्ड: अरुंधति चौधरी ने महिलाओं के 70 किलोग्राम फाइनल में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
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