देश की रिफाइनरी पूरी क्षमता पर, एलपीजी की सप्लाई सुरक्षित: सुजाता शर्मा

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने हाल ही में एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में बताया कि देश की सभी रिफाइनरी अपनी पूर्ण क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और उपभोक्ताओं से बार-बार अपील की जा रही है कि जहाँ संभव हो, नेचुरल गैस का उपयोग बढ़ाएँ। इसके लिए राज्य सरकारों को भी पत्र भेजे गए हैं। साथ ही, उन राज्यों को जो इस दिशा में पहल करेंगे, अतिरिक्त 10% एलपीजी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।
अभी तक 13,700 से अधिक नए कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 7,500 से अधिक लोग एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं। ऑनलाइन बुकिंग का प्रतिशत लगभग 93% है और डिलीवरी नियमित रूप से जारी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, कल 55 लाख बुकिंग्स हुईं और सभी राज्यों में पर्याप्त सप्लाई मौजूद है। पिछले एक हफ्ते में 11,300 टन कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को वितरित किया गया, जिसमें लगभग 50% शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को भेजा गया।
लगभग 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जबकि जिला निगरानी समितियाँ भी लगातार निगरानी कर रही हैं। पिछले 24 घंटों में 4,500 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिनमें उत्तर प्रदेश में करीब 1,100 स्थान शामिल थे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1,800 जगहों पर सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। मंत्रालय ने कहा कि एलपीजी की स्थिति अभी भी सावधानीपूर्ण है, इसलिए उपभोक्ताओं को अफवाहों पर ध्यान न देने और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है।
खाड़ी में फंसे जहाज और नाविक सुरक्षित
पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र से संबंधित कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। डीजी शिपिंग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। वर्तमान में खाड़ी में फंसे 22 जहाज और 6 से अधिक नाविक सुरक्षित हैं।
पिछले 24 घंटों में हेल्पलाइन पर करीब 125 कॉल और 200 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए। इसी दौरान 25 भारतीय नागरिकों को अभियान के जरिए सुरक्षित भारत वापस लाया गया। किसी भी पोर्ट पर कंजेशन की समस्या नहीं है और कार्गो संचालन में कोई बाधा नहीं आई। न्यू मंगलोर पोर्ट ने 14 मार्च से 31 मार्च तक क्रूड और एलपीजी कार्गो पर चार्ज़ वेवर का नोटिफिकेशन जारी किया है।
पीएम ने पांच देशों के नेताओं से की बात
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कल ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से वार्ता की। बातचीत में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर भारत का रुख स्पष्ट किया और कहा कि संवाद और कूटनीति से शांति बहाल करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की कड़ी निंदा की और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए समर्थन दोहराया। उन्होंने ओमान के सुल्तान से भी बात की और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत की निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के योगदान की सराहना की।
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