कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, यूएस-ईरान टकराव बढ़ने का दिखा असर

HIGHLIGHTS
- ओमान की खाड़ी में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां अमेरिकी नौसेना ने ईरान के झंडे वाले एक मालवाहक टैंकर को जब्त कर लिया है।
- इस कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताते हुए ‘समुद्री डकैती’ जैसा कदम करार दिया है।
- घटना के बाद वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखने को मिली है।
- शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
- शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 6.4% बढ़कर 87.88 डॉलर प्रति…
ओमान की खाड़ी में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां अमेरिकी नौसेना ने ईरान के झंडे वाले एक मालवाहक टैंकर को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताते हुए ‘समुद्री डकैती’ जैसा कदम करार दिया है।
घटना के बाद वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखने को मिली है। शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 6.4% बढ़कर 87.88 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि ब्रेंट क्रूड 6.5% की तेजी के साथ 96.25 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव
जानकारी के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई और जवाबी कदमों ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।
पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में हालात तेजी से बदले हैं। पहले ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने की बात कही गई थी, जिसके बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन बाद में हालात बदलने और नई सैन्य कार्रवाइयों के चलते बाजार में फिर अस्थिरता बढ़ गई।
जहाज जब्ती और अमेरिका का दावा
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई उस ईरानी-झंडे वाले जहाज के खिलाफ की गई है, जिसने बार-बार चेतावनी के बावजूद नाकाबंदी क्षेत्र में प्रवेश किया। अमेरिकी सेना का कहना है कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसके अनुपालन न करने पर उसे रोक लिया गया।
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना ने मिसाइल विध्वंसक की मदद से जहाज को रोका और उसे आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान ने इस कार्रवाई को गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा है कि अमेरिका जानबूझकर तनाव बढ़ा रहा है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि वह इस कदम का जवाब देगा।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने भी पहले की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है और इसके लिए अमेरिका जिम्मेदार है।
शांति वार्ता पर अनिश्चितता
इस घटनाक्रम के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिका की ओर से पाकिस्तान में वार्ता की योजना की बात कही गई थी, लेकिन ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।
स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर जारी रह सकता है।
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