देवबंद तक पहुंची दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच, स्पेशल सेल ने एमबीबीएस छात्र को उठाया

दिल्ली में हाल ही में हुए धमाकों की कड़ी में मंगलवार को जांच टीम ने देवबंद के एक मोहल्ले से अल फलाह यूनिवर्सिटी में MBBS तृतीय वर्ष में पढ़ रहे छात्र को हिरासत में लिया। स्पेशल ब्रांच द्वारा की गई इस कार्रवाई को आतंकी मॉड्यूल की संभावित कड़ियों की पड़ताल से जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने इस संबंध में कुछ कहने से इंकार किया है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से आई टीम ने अचानक दबिश देकर छात्र को उसके घर से साथ ले गई। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी को फिदायीन हमले के आरोपी डॉ. उमर और साजिश का मास्टरमाइंड माने जा रहे डॉ. मुजम्मिल ने अपने नेटवर्क का प्रमुख ठिकाना बनाया हुआ था। इस कारण यूनिवर्सिटी से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों को डॉ. उमर की कॉल डिटेल में देवबंद के इस छात्र का नंबर मिलने की जानकारी मिली है। दोनों के बीच बातचीत के कुछ इनपुट भी सामने आए हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
डॉ. अदील की डायरी से मिले 30 से अधिक संदिग्ध नंबर
जांच को नया मोड़ उस समय मिला जब डॉ. अदील के किराए के मकान से बरामद डायरी में 30 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले। इनमें से कई नंबर सहारनपुर के निजी विश्वविद्यालयों, मदरसों और हॉस्टलों में पढ़ रहे छात्रों के बताये जा रहे हैं।
टीमें इन सभी नंबरों की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और इंटरनेट गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। कुछ नंबरों के साथ लिखे कोडवर्ड और लोकेशन ने सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गुप्त गतिविधियों या पहचान छिपाने की कोशिशों पर शक गहरा दिया है।
जांच यह भी संकेत दे रही है कि डॉ. अदील ने मदरसों, मेडिकल कॉलेजों और हॉस्टलों में रहने वाले कश्मीरी छात्रों तक नेटवर्क बढ़ाया था। एजेंसियां इन संस्थानों से संबंधित जानकारियाँ भी जुटा रही हैं।
पुरानी गाड़ियों की खोजबीन तेज, कबाड़ियों और डीलरों से रिकॉर्ड माँगा
धमाके में पुरानी कार के इस्तेमाल की पुष्टि के बाद सहारनपुर पुलिस ने जिले में पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। सभी कबाड़ी और डीलरों को हाल ही में खरीदी-बेची गई गाड़ियों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बाहरी राज्यों से लाई गई सेकेंड हैंड गाड़ियों के रिकॉर्ड की विशेष जांच हो रही है। पुलिस टीमें दुकानों पर जाकर रजिस्टर, कागजात और वाहन नंबरों का मिलान कर रही हैं। साथ ही जिले में किराए पर रह रहे बाहरी लोगों का सत्यापन भी तेज कर दिया गया है।
पूछताछ के बाद हापुड़ के डॉक्टर को छोड़ा, जांच जारी
इसी मामले में पूछताछ के लिए हापुड़ के पिलखुवा स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फारुख को दिल्ली पुलिस ने 13 नवंबर को हिरासत में लिया था। जम्मू-कश्मीर निवासी डॉ. फारुख ने अपनी मेडिकल पढ़ाई अल फलाह यूनिवर्सिटी से की थी।
मंगलवार को विस्तृत पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया और वे अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अब भी जारी है और सभी संपर्कों की गहन पड़ताल की जा रही है।
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