दिल्ली ब्लास्ट: मुरादाबाद में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुई थी शाहीन, एजेंसियां कर रहीं जांच

दिल्ली में हुए बम धमाके की जांच का दायरा यूपी तक पहुँच गया है। इस केस में यूपी एटीएस ने मुरादाबाद के तीन डॉक्टरों से पूछताछ की है। जानकारी के अनुसार, ये तीनों डॉक्टर डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन और डॉ. आदिल घटना के मुख्य आरोपी के संपर्क में थे, और धमाके के बाद इन सभी ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे।
पहले भी मंडल में मिलते रहे हैं आतंकी
यह पहला मौका नहीं है जब सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली धमाके या आतंकी गतिविधियों के सिलसिले में मुरादाबाद मंडल से लोगों को गिरफ्तार किया हो।
• 2017 में, मुगलपुरा के बरवालान इलाके से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी फरहान पकड़ा गया था।
• फरहान पहले 2007 में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा POTA के तहत गिरफ्तार हो चुका था और सात साल की सजा काटने के बाद वह 2009 में जमानत पर बाहर आया और मुरादाबाद में छिप गया था।
• 2023 में, मूंढापांडे क्षेत्र से एटीएस ने अहमद रज़ा नामक संदिग्ध को पकड़ा था, जो जयपुर में दीनी तालीम लेने के दौरान हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी फिरदौस के संपर्क में आया था।
• इसी साल, अक्टूबर 2023 में स्पेशल सेल ने आईएस के संदिग्ध अरशद वारसी को भी मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट बताती है कि संभल, अमरोहा और बिजनौर जैसे जिलों में भी कई संदिग्ध पहले शरण ले चुके हैं।
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं डॉ. शाहीन
जांच यह भी सामने आई है कि दिल्ली धमाके से जुड़े डॉक्टरों में से एक, डॉ. शाहीन, हाल ही में मुरादाबाद मंडल में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कार्यक्रम को किसने आयोजित किया था और उस दौरान वे किन लोगों के संपर्क में आईं।
कश्मीरी डॉक्टरों और मदरसा छात्रों की यात्रा विवरण की जांच शुरू
दिल्ली धमाके के बाद मंडल में सुरक्षा और जांच दोनों तेज कर दी गई हैं। एजेंसियों ने विशेष रूप से कश्मीरी डॉक्टरों, मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों, और शिक्षकों का सत्यापन तेज कर दिया है।
मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर और बिजनौर में कश्मीर के 100 से अधिक डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि कई मदरसों में कश्मीर से आए छात्र और शिक्षक मौजूद हैं। अब इनकी यात्रा इतिहास, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और हाल की गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि अक्टूबर महीने में ये लोग कहाँ-कहाँ गए और मुरादाबाद में उनसे मिलने कौन-कौन आया।
ढाई हजार से अधिक किरायेदारों का सत्यापन
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर में डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में सिविल लाइंस, कोतवाली, नागफनी, मुगलपुरा, कटघर, गलशहीद, मझोला, पाकबड़ा और मूंढापांडे क्षेत्रों में करीब 2500 किरायेदारों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार, अब तक कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला है। सभी थानों और चौकियों की टीमें लगातार मैदान में हैं, जबकि शहर के सभी पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की जांच कर खराब कैमरों को बदलने की प्रक्रिया भी चल रही है।
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