2027 चुनाव से पहले भाजपा का सर्वे, 35% विधायकों के कट सकते हैं टिकट

HIGHLIGHTS
- 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सर्वे ने विधायकों की चिंता बढ़ा दी है।
- सर्वे में जनता की नाराजगी और एंटी इनकंबेंसी की बात सामने आने की चर्चा है।
- सर्वे एजेंसी ने करीब 35% विधायकों के टिकट बदलने का सुझाव दिया है।
- मुरादाबाद मंडल में भाजपा के 12 विधायक, जिनमें 10 लगातार दूसरी बार चुने गए हैं।
मुरादाबाद। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की ओर से कराए जा रहे सर्वे के संकेतों ने मुरादाबाद मंडल के पार्टी विधायकों की चिंता बढ़ा दी है। इसकी वजह सर्वे में भाजपा विधायकों को लेकर जनता के बीच नाराजगी की बात सामने आना बताया जा रहा है। एंटी इनकंबेंसी से बचने के लिए सर्वे एजेंसी ने कुछ सीटों पर टिकट बदलने का सुझाव भी दिया है। फिलहाल मुरादाबाद मंडल में भाजपा के कुल 12 विधायक हैं।
इन 12 विधायकों में से 10 विधायक ऐसे हैं, जो भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। मुरादाबाद मंडल को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। वर्तमान में मंडल की 27 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 12 सीटें हैं। रामपुर की स्वार टांडा सीट भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) के खाते में है, जबकि 14 सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है।
अगर मंडल के दो विधायकों को छोड़ दिया जाए, तो बाकी सभी 10 विधायक लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर चुने गए हैं। कुंदरकी से रामवीर सिंह और रामपुर सीट से आकाश सक्सेना उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर भाजपा विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से सर्वे करा रही है। अब तक तीन चरणों का सर्वे पूरा हो चुका है और यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में एक साथ चली है। अगस्त-सितंबर में चौथे सर्वे की संभावना जताई जा रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तीनों सर्वे रिपोर्टों में एक बात समान रही है कि कई भाजपा विधायकों के प्रति जनता में नाराजगी देखने को मिली है, जिसे पार्टी के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
जनता की इसी नाराजगी को देखते हुए सर्वे एजेंसी ने करीब 35 प्रतिशत विधायकों के टिकट बदलने और नए उम्मीदवार उतारने का सुझाव दिया है। इस रिपोर्ट के बाद मुरादाबाद मंडल के भाजपा विधायकों के बीच भी चिंता बढ़ गई है।
इसकी वजह यह चर्चा है कि जिन 35 प्रतिशत विधायकों के टिकट बदलने की बात कही जा रही है, उनमें कुछ नाम मुरादाबाद मंडल से भी हो सकते हैं। इसे लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हलचल तेज हो गई है। हालांकि पार्टी के पदाधिकारी इस विषय पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने कहा, "पार्टी स्तर पर समय-समय पर सर्वे कराए जाते हैं। फिलहाल विधानसभा चुनाव को लेकर आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। इस समय पार्टी का पूरा फोकस एमएलसी चुनाव पर है।"
मंडल में भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार चुने गए विधायक
बिलासपुर से बलदेव सिंह औलख, मिलक से राजबाला, चंदौसी से गुलाब देवी, मुरादाबाद नगर से रितेश गुप्ता, मंडी धनौरा से राजीव तरारा, हसनपुर से महेंद्र खड़गवंशी, बिजनौर से सुचि चौधरी, बढ़ापुर से सुशांत सिंह, धामपुर से अशोक राणा और नहटौर से ओम कुमार लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
मंडल के किस जिले में भाजपा के कितने विधायक
जिला — भाजपा विधायकों की संख्या
बिजनौर — 04
रामपुर — 03
मुरादाबाद — 02
अमरोहा — 02
संभल — 01
नोट: उपचुनाव में भाजपा ने रामपुर की दो और मुरादाबाद की एक सीट पर जीत दर्ज की है। रामपुर की एक सीट भाजपा गठबंधन के खाते में है।
उपचुनाव में बढ़ीं भाजपा की तीन सीटें
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद मंडल की 27 सीटों में से भाजपा ने 10 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि समाजवादी पार्टी ने 17 सीटें जीती थीं। इसके बाद रामपुर, स्वार टांडा और कुंदरकी सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें भाजपा ने दो सीटें जीतीं, जबकि एक सीट भाजपा गठबंधन की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) के खाते में गई।
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