दिवाली पर देश भर में बिके ₹5 लाख करोड़ के सामान, बाजारों में छाई बंपर रौनक

HIGHLIGHTS
- CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, दिल्ली में दिवाली के दौरान 80 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की उम्मीद है।
- दिल्ली में 1 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रैलियों और धरने-प्रदर्शनों के कारण कारोबार को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
- इस बार दिवाली पर भारतीय उत्पादों की खरीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दिवाली का त्योहार इस बार देशभर के कारोबारियों के लिए बड़े व्यापारिक अवसर लेकर आ रहा है। त्योहारी खरीदारी और इससे जुड़ी अन्य सेवाओं के जरिए देशभर में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। वहीं, पिछले एक महीने से धरने-प्रदर्शनों और रैलियों के चलते प्रभावित दिल्ली के व्यापारियों को भी दिवाली की खरीदारी से काफी उम्मीदें हैं। अनुमान है कि राजधानी में इस त्योहारी सीजन के दौरान करीब 80 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक, दिवाली के दौरान देशभर में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हो सकता है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शीर्ष संगठन की ओर से हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, वाहनों की कुल खुदरा बिक्री में 55 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाहनों की अलग-अलग श्रेणियों में भी बिक्री बढ़ी है। टू-व्हीलर की बिक्री में 52 फीसदी, थ्री-व्हीलर में 110 फीसदी, कमर्शियल वाहनों में 48 फीसदी, निजी वाहनों में 70 फीसदी और ट्रैक्टरों की बिक्री में 58 फीसदी की वृद्धि हुई है। ये आंकड़े दिवाली के दौरान बाजार में मजबूत कारोबार की संभावना को दर्शाते हैं।
एक अनुमान के अनुसार, दिवाली के त्योहार के दौरान देशभर में छोटे से लेकर महंगे उत्पादों तक के करीब 5 करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान होता है। इससे भी बाजार में बिक्री को बढ़ावा मिलता है। CTI ने होटल और बैंक्वेट एसोसिएशन, रेस्टोरेंट एवं मॉल एसोसिएशन, सिनेमा एसोसिएशन, शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन, कार डीलर एसोसिएशन, मेकअप एवं सैलून एसोसिएशन, टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन और इंडस्ट्री एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों से बातचीत के बाद यह अनुमान लगाया है कि इस फेस्टिव सीजन में देशभर में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है।
CTI की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस साल दिवाली पर भारतीय उत्पादों की खरीद-बिक्री को प्राथमिकता दी जा रही है। खासतौर पर भारत में बने घर की सजावट के सामान और पूजा सामग्री की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इनमें मिट्टी के दीये, देवी-देवताओं की मूर्तियां, दीवार पर लटकाने वाले सजावटी सामान, हस्तशिल्प की वस्तुएं, शुभ-लाभ और ओम जैसे पारंपरिक शुभ प्रतीक शामिल हैं। देवी लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश की पूजा से जुड़ी सामग्री के साथ स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और कुशल कलाकारों द्वारा तैयार सजावटी उत्पादों से देशभर के बाजारों में अच्छा कारोबार होने की संभावना है।
इसके अलावा एफएमसीजी उत्पादों, उपभोक्ता वस्तुओं, खिलौनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली के उपकरणों, रसोई के सामान, उपहार सामग्री, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं, मिठाई-नमकीन, होम फर्निशिंग, कपड़े, रेडीमेड वस्त्र, फैशन परिधान, टेपेस्ट्री, बर्तन, बिल्डिंग हार्डवेयर, जूते, घड़ियां, फर्नीचर, सौंदर्य प्रसाधन, मोबाइल और उनके एक्सेसरीज की भी अच्छी मांग रहने का अनुमान है।
लकड़ी एवं प्लाईवुड, पेंट, कांच, दूध और दूध से बने उत्पाद, डेयरी सामान, किराना, खाद्यान्न, खाद्य तेल, दालें, साइकिल और उनके सामान, दीवार घड़ियां, गोटा-जरी, साड़ी और ड्रेस मटेरियल जैसे क्षेत्रों में भी बड़े कारोबार की उम्मीद जताई गई है।
दिल्ली में दिवाली पर 80 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान
दिल्ली में 1 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रैलियों और धरने-प्रदर्शनों का दौर रहा। इसके चलते राजधानी के व्यापार को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। ऐसे में दिल्ली के कारोबारियों को दिवाली पर होने वाली अच्छी-खासी खरीदारी से पिछले दिनों हुए नुकसान की भरपाई की उम्मीद है।
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली के चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, वजीरपुर, पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, यूसुफ सराय, लाजपत नगर, प्रीत विहार, शाहदरा और लक्ष्मी नगर समेत कई बाजारों में खरीदारी के लिए अच्छी भीड़ उमड़ रही है।
इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के शोरूम में गाड़ियों की बिक्री भी अच्छी चल रही है। लोग मोबाइल फोन, गिफ्ट आइटम, सजावटी सामान, ड्राई फ्रूट्स, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और होम फर्निशिंग से जुड़ी वस्तुओं की भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

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