गुरुग्राम की हवा दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली, पंचगांव में AQI 376 पहुंचा

HIGHLIGHTS
- पंचगांव में सुबह 11:05 बजे AQI 376 रहा, जबकि दिल्ली में 363 दर्ज किया गया।
- गुरुग्राम के विकास सदन में एक्यूआई 344 रिकॉर्ड हुआ।
- मानेसर में AQI 296 रहा, जो खराब श्रेणी में है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से जारी आंकड़ों में गुरुग्राम की हवा दिल्ली के मुकाबले अधिक प्रदूषित दर्ज की गई। सुबह 11:05 बजे गुरुग्राम के पंचगांव में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 376 रहा, जबकि दिल्ली का एक्यूआई 363 दर्ज किया गया। वहीं, गुरुग्राम के विकास सदन में एक्यूआई 344 रिकॉर्ड किया गया।
मानेसर में शनिवार को एक्यूआई 296 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है। गुरुग्राम के चारों निगरानी केंद्रों में पंचगांव की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक रही। यहां 5 नवंबर को एक्यूआई 406 और 6 नवंबर को 426 तक पहुंच गया था। इन दोनों दिनों में हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई थी।
हालांकि शनिवार को प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आई और एक्यूआई 376 पर पहुंच गया, लेकिन हवा अब भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। गुरुग्राम में भी 6 नवंबर को एक्यूआई 368 दर्ज किया गया था, जो शनिवार को घटकर 344 रह गया।
छह दिनों में तेजी से बढ़ा प्रदूषण
नवंबर के शुरुआती छह दिनों में गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है। एक नवंबर को गुरुग्राम का एक्यूआई 183 था, जो 6 नवंबर तक बढ़कर 368 हो गया। इस तरह महज छह दिनों में 185 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पंचगांव में भी प्रदूषण का स्तर तेजी से ऊपर गया। यहां एक नवंबर को एक्यूआई 210 दर्ज किया गया था, जो 6 नवंबर को बढ़कर 426 हो गया। इसी तरह मानेसर में एक नवंबर को एक्यूआई 166 था, जबकि 6 नवंबर को यह बढ़कर 332 तक पहुंच गया। यानी छह दिनों के भीतर मानेसर में प्रदूषण का स्तर दोगुना हो गया।
धूल और वाहनों का धुआं बढ़ा रहे प्रदूषण
विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों के कारण उड़ने वाली धूल, औद्योगिक इकाइयों से होने वाला उत्सर्जन और मौसम में बदलाव इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
तापमान में गिरावट और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक कण जमीन के आसपास जमा हो रहे हैं। कई दिनों तक पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक बना रहा। वहीं, गुरुग्राम में 3 और 4 नवंबर तथा पंचगांव में 5 और 6 नवंबर को पीएम 10 का स्तर अधिक प्रभावी रहा।
मानेसर में बाकी केंद्रों के मुकाबले कम प्रदूषण
शनिवार को गुरुग्राम के चार निगरानी केंद्रों में मानेसर की हवा अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई। यहां एक्यूआई 296 रहा, जो अन्य केंद्रों की तुलना में सबसे कम था।
इससे पहले 6 नवंबर को मानेसर का एक्यूआई 332 दर्ज किया गया था। एक दिन में 36 अंकों की गिरावट के बावजूद यहां की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है।
खराब हवा में सांस के मरीजों को सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि बेहद खराब वायु गुणवत्ता के बीच लंबे समय तक रहने से सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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