प्रदेशभर में बेटियों के लिए शुरू हुआ ‘ड्राइविंग माय ड्रीम्स’ अभियान

लखनऊ। महिला एवं बाल विकास विभाग ने शुक्रवार को मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय बालिका सप्ताह थीम पर ‘ड्राइविंग माय ड्रीम्स’ अभियान की शुरुआत की। इस पहल के तहत प्रत्येक जिले से 100 बेटियों और महिलाओं को चुना गया है जिन्हें मुफ्त ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम एक महीने तक चलेगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छात्राओं ने इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ट्रैफिक नियमों और वाहन संचालन की बारीकियां सिखाईं। पहली बार गाड़ी का हैंडल और स्टीयरिंग संभालने का अनुभव पाकर बेटियों ने आत्मविश्वास महसूस किया। अभियान के अंत में प्रतिभागियों को ड्राइविंग लाइसेंस भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और भविष्य में रोजगार का साधन भी प्राप्त कर सकें। विभाग ने बताया कि आगामी 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस को धूमधाम से मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि जल संकट सामूहिक चिंता का विषय है। उन्होंने निर्देश दिया कि चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की तर्ज पर जनांदोलन का हिस्सा बनाया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि चेक डैम और तालाब वर्षा जल को संचित कर धीरे-धीरे भूमि में समाहित करते हैं, जिससे भूजल स्तर सुधरता है। यह न केवल सस्ता उपाय है बल्कि बड़े बांधों के मुकाबले अधिक कारगर भी है। अब तक प्रदेश में 6,448 चेक डैम बनाए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 1.28 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित हुई है और हर साल 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्षा से पहले तालाबों से कुम्हारों को मुफ्त मिट्टी निकालने की अनुमति दी जाए ताकि जल संचयन के लिए तालाब तैयार रह सकें। बरसात के बाद इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए इस्तेमाल कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2017 में यूपी के 82 क्षेत्र अतिदोहित और 47 क्षेत्र क्रिटिकल श्रेणी में थे, लेकिन सतत प्रयासों से 2024 में यह संख्या घटकर 50 और 45 रह गई है। लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इन्हें पूरी तरह सामान्य श्रेणी में लाया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में चेकडैम, तालाब और ब्लास्टकूप का फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण किया जाए और जागरूकता के लिए सोशल मीडिया व जनप्रतिनिधियों की मदद से व्यापक अभियान चलाया जाए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.