युवाओं को रोजगार, पर्यटन को बढ़ावा: बरेली में दो प्रमुख परियोजनाओं का प्रस्ताव मंजूर

बरेली। जिले में युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें 101 एकड़ में विकसित होने वाला इंप्लाइमेंट जोन (रोजगार क्षेत्र) और नाथ नगरी महोत्सव शामिल हैं। इस रोजगार क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवा वर्ग के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन विभाग महोत्सव की योजना तैयार करेगा, राजस्व विभाग जमीन की तलाश करेगा और उद्योग विभाग रोजगार क्षेत्र के लिए जरूरी कदम उठाएगा। शहर के सात नाथ मंदिरों की महत्ता को देखते हुए यह महोत्सव हर वर्ष आयोजित किया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से श्रद्धालुओं और व्यापारियों का भी आवागमन होगा, जिससे जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री का दौरा और परियोजनाओं का उद्घाटन
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री 25 दिसंबर को बरेली का दौरा करेंगे। इस दौरान वह बीडीए की रामायण वाटिका का लोकार्पण और पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसी अवसर पर 2200 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात भी जिले को दी जाएगी।
स्थल चयन और महोत्सव की योजना
नाथ नगरी महोत्सव के आयोजन के लिए बरेली कॉलेज सहित अन्य संभावित स्थलों का सर्वेक्षण किया जाएगा। महोत्सव ऐसे समय आयोजित किया जाएगा जब मौसम न तो अधिक ठंडा होगा और न ही गर्म, जिससे प्रतिभागियों को असुविधा न हो। प्रारंभिक संभावना है कि यह महोत्सव अगले वर्ष फरवरी में आयोजित किया जा सकता है।
भूमि और आवास योजना
सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। खाली कराई गई जमीन पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए आवास बनाए जाएंगे। इसके लिए एसडीएम को निर्देशित किया गया है।
कांवड़ स्थल का निर्माण
नाथ नगरी के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवड़ियों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग बदायूं रोड पर कांवड़ स्थल का निर्माण करेगा। दो करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना जुलाई 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शेड, पेयजल, टॉयलेट ब्लॉक और स्नानघर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान में सावन माह में अस्थाई कैंप में रुकने वाले कांवड़ियों की परेशानी इससे कम होगी।
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