EPFO लौटाएगा 31.86 लाख निष्क्रिय खातों की राशि, 11 हजार करोड़ रुपये होंगे ट्रांसफर

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने तीन साल या उससे अधिक समय से निष्क्रिय पड़े 31.86 लाख खातों में जमा राशि संबंधित खाताधारकों को वापस करने का निर्णय लिया है। इन खातों में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें से करीब 7 लाख से अधिक खाते ऐसे हैं जिनमें 1000 रुपये से कम राशि पड़ी है।
दो चरणों में होगी रकम वापसी
पहले चरण में 7.11 लाख छोटे खातों की पहचान कर आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। इस प्रक्रिया में खाताधारकों को किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी।
दूसरे चरण में लगभग 25 लाख अन्य निष्क्रिय खातों में जमा रकम भी सरल प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके लिए आधार से लिंक बैंक खाते की पुष्टि की जाएगी। यदि खाताधारक जीवित नहीं हैं, तो नामित व्यक्ति या वैध उत्तराधिकारी की पहचान के बाद राशि हस्तांतरित की जाएगी।
निष्क्रिय खातों का बोझ घटाने की पहल
श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। उद्देश्य है कि खाताधारकों की जमा पूंजी उन्हें लौटाई जाए और लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों का बोझ कम किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि यह रकम सदस्यों की है, जिसे सरकार अपने पास नहीं रख सकती।
EPFO के आंकड़ों के मुताबिक, 1000 रुपये से कम राशि वाले 7.11 लाख खातों में कुल 30.52 करोड़ रुपये जमा हैं, जबकि शेष करीब 25 लाख खातों में लगभग 10,903 करोड़ रुपये रखे हैं। नियमों के तहत यदि तीन साल तक खाते में कोई योगदान नहीं होता, तो उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है और उसे निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है।
असंगठित क्षेत्र के बच्चों को राहत
इसी के साथ श्रम मंत्रालय ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति संबंधी नियमों में भी ढील देने का फैसला किया है। अब ऐसे छात्र, जो मंत्रालय की छात्रवृत्ति ले रहे हैं, वे मेरिट के आधार पर राज्य या केंद्र सरकार की अन्य छात्रवृत्तियां भी प्राप्त कर सकेंगे। पहले एक से अधिक छात्रवृत्ति लेने पर रोक थी।
सरकार का कहना है कि इस कदम से कम आय वर्ग के परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा में अधिक अवसर मिलेंगे।
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