गौवंश भारतीय संस्कृति की आत्मा, संरक्षण जरूरी- स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द

मुजफ्फरनगर के बघरा क्षेत्र में रविवार को ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के स्वागत में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने संबोधन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से पूरे देश में गोहत्या पर प्रभावी प्रतिबंध लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौवंश का विशेष महत्व है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए ठोस और व्यापक कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में चरथावल विधायक पंकज मलिक, समाजवादी नेता राकेश शर्मा समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए समाज को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस दौरान माता जगदंबा ने जानकारी दी कि "चतुरागिनी अभियान" की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने लोगों से मिस्ड कॉल नंबर 84485-38008 के माध्यम से अभियान से जुड़ने की अपील की। साथ ही बताया कि 24 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित कांशीराम उपवन में एक विशाल धार्मिक आयोजन प्रस्तावित है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो सकेंगे।
शंकराचार्य के साथ पहुंचे देवेंद्र पांडे महाराज ने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

अपने संबोधन में उन्होंने गौ संरक्षण, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर भी विचार व्यक्त किए। रामसेतु और राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों पर निर्णय शास्त्रीय परंपराओं और मान्यताओं के अनुरूप होने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान धर्म, शिक्षा, संस्कृति, युवाओं के भविष्य और गौ संरक्षण जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।
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