सोना–चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, कीमतें आसमान पर

अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो मौजूदा हालात आपको चौंका सकते हैं। कीमती धातुओं की कीमतें देश और दुनिया दोनों ही बाजारों में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। सोना और चांदी ऐसी रफ्तार से महंगे हो रहे हैं कि अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड टूटते नजर आ रहे हैं।
घरेलू बाजार में सोने का भाव लगभग 1.71 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच चुका है, जबकि चांदी 3.85 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर कारोबार कर रही है। जानकारों का मानना है कि यदि मौजूदा ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले दिनों में इनमें और तेजी देखने को मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी जबरदस्त उछाल
विदेशी बाजारों में भी सोने ने नया इतिहास रच दिया है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत 5,591 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। वहीं, स्पॉट गोल्ड करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ 5,511 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। इस सप्ताह अब तक सोना 10 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हो चुका है और पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा भी पार कर चुका है।
चांदी भी पीछे नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 118 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही और कारोबार के दौरान 119 डॉलर प्रति औंस का नया उच्चतम स्तर छू गई।
एमसीएक्स और घरेलू बाजार का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,66,000 रुपये से ऊपर बंद हुआ, जबकि चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली। एक ही दिन में इसके भाव करीब 15,000 रुपये बढ़कर 3.85 लाख रुपये प्रति किलो हो गए। इससे पहले भी चांदी के दामों में कई बार बड़ी छलांग देखी जा चुकी है। वहीं शुद्ध सोना भी 5,000 रुपये की बढ़त के साथ 1.71 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
1. अमेरिकी फेड की नीति
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को यथावत रखा है और महंगाई अभी भी लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। इससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी और उन्होंने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का रुख किया।
2. अंतरराष्ट्रीय तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार में चिंता बढ़ाई है। दोनों देशों की ओर से सख्त बयानबाजी के चलते निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।
3. क्रिप्टो कंपनियों की दिलचस्पी
कुछ बड़ी क्रिप्टो कंपनियां अब अपने निवेश का एक हिस्सा भौतिक सोने में लगाने की योजना बना रही हैं, जिससे सोने की मांग को और बल मिला है।
4. डॉलर की कमजोरी
अमेरिकी डॉलर में गिरावट से भी सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिला है, क्योंकि कमजोर डॉलर में ये धातुएं ज्यादा आकर्षक बन जाती हैं।
5. चांदी की बढ़ती मांग
चांदी सोने के मुकाबले सस्ता विकल्प मानी जाती है। इसके साथ ही सप्लाई में कमी और औद्योगिक मांग बढ़ने से इस साल चांदी के भाव में अब तक 60 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की जा चुकी है।
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