कमजोर डॉलर और वैश्विक तनाव से सोना-चांदी ने बनाया नया कीर्तिमान

अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोना और चांदी ने नए ऐतिहासिक स्तर को छू लिया। कमजोर अमेरिकी डॉलर, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) की नीति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर प्रवृत्त किया, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुझान
शुक्रवार की शुरुआत में सोने का भाव $4,960 प्रति औंस को पार कर गया, जबकि सप्ताहभर में यह 7% से अधिक की बढ़त की ओर बढ़ रहा था। चांदी भी $97 प्रति औंस के स्तर के करीब पहुँच गई। सोने का भाव 0.5% बढ़कर $4,959.39 प्रति औंस और चांदी 0.7% की बढ़त के साथ $96.91 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा फेडरल रिजर्व पर बढ़ते दबाव, वेनेजुएला, ईरान और ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों में बढ़ता तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को बॉन्ड और फिएट मुद्राओं से हटकर सोना-चांदी जैसी सीमित आपूर्ति वाली संपत्तियों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसे बाजार में ‘सेफ हेवन’ निवेश कहा जाता है।
घरेलू बाजार में भी रिकॉर्ड
भारत में भी कीमती धातुओं में तेजी का असर देखा गया। एमसीएक्स पर गुरुवार को सोने का भाव लगभग 4% की तेजी के साथ ₹1,56,540 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ और इसने अपने रिकॉर्ड स्तर ₹1,57,086 तक को भी छुआ। चांदी का भाव 0.87% बढ़कर ₹3,26,500 प्रति किलो पर बंद हुआ, जबकि इसका लाइफटाइम हाई ₹3,35,521 प्रति किलो रहा।
गिरावट के बाद उछाल का कारण
हाल के दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में एक दिन की गिरावट भी देखने को मिली थी। इसका कारण अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड और यूरोपीय देशों के साथ व्यापारिक टैरिफ को लेकर नरम रुख अपनाना था, जिससे बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी और सुरक्षित संपत्ति की मांग घट गई। लेकिन अब मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, कमजोर डॉलर और जारी भू-राजनीतिक तनाव ने सोना और चांदी को फिर से नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया।
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