MCX पर सोना 4000 रुपये से ज्यादा टूटा, चांदी में तेज गिरावट

नई दिल्ली। सोने-चांदी में निवेश करने वालों के लिए शुक्रवार का दिन भारी उतार-चढ़ाव लेकर आया। अंतरराष्ट्रीय संकेतों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के असर के चलते घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट देखने को मिली। महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और ब्याज दरों को लेकर बनी वैश्विक अनिश्चितता ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शाम के सत्र में सोना और चांदी दोनों ही दबाव में रहे। अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 2.6 फीसदी से अधिक टूट गया और दिन के दौरान लगभग 4,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सोना दिन के निचले स्तर के करीब 1,55,000 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
वहीं चांदी में गिरावट और भी तेज रही। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी करीब 6 फीसदी तक टूट गई और लगभग 15,000 रुपये से अधिक की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान चांदी 2.48 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास फिसल गई।
अमेरिकी डेटा बना गिरावट की वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तेज गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका से आए बेहतर रोजगार आंकड़े रहे। अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के मुताबिक मई में नॉन-फार्म पेरोल्स (NFP) में लगभग 1.72 लाख नई नौकरियां जुड़ीं, जो बाजार के अनुमान से कहीं अधिक थीं। बाजार को सिर्फ करीब 85 हजार नौकरियों की उम्मीद थी।
अप्रैल के आंकड़ों में भी संशोधन कर बढ़ोतरी की गई। मजबूत रोजगार डेटा से यह संकेत मिला कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी स्थिर और मजबूत स्थिति में है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ गई।
ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना और डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी पर दबाव बढ़ा दिया, जिससे निवेशकों ने इन धातुओं से पैसा निकालना शुरू कर दिया।
विशेषज्ञों की राय
कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है क्योंकि निवेशक अमेरिकी फेड की अगली नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। डॉलर इंडेक्स में मजबूती भी कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक संकेत दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में कमजोरी देखने को मिली। कॉमेक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में और तेज दबाव देखा गया।
महंगाई को लेकर चिंता बरकरार
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई और ऊर्जा कीमतों का रुख भी इन धातुओं की दिशा तय करेगा। घरेलू स्तर पर रिजर्व बैंक ने भी खुदरा महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी की है, जिससे आर्थिक दबाव की आशंका बनी हुई है।
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