स्कूल बस हादसे के घायलों से मिलीं स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

HIGHLIGHTS
- जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने शनिवार को श्री महाराजा हरी सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल पहुंचकर हाल ही में हुए स्कूल बस हादसे में घायल छात्राओं का हालचाल जाना।
- उन्होंने अस्पताल में भर्ती दोनों बच्चियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया।
- दौरे के दौरान मंत्री ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक कर घायल छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की।
- उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाज में किसी भ…
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने शनिवार को श्री महाराजा हरी सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल पहुंचकर हाल ही में हुए स्कूल बस हादसे में घायल छात्राओं का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में भर्ती दोनों बच्चियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया।
दौरे के दौरान मंत्री ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक कर घायल छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रहने पाए और बच्चों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सकीना इत्तू ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि दुर्घटना में घायल मासूम बच्चों को अस्पताल में देखना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के उपचार के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने छात्राओं के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
गौरतलब है कि शुक्रवार को बडगाम जिले के खान साहिब क्षेत्र के ब्रेनवार इलाके में एक स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। आईपीटीएस स्कूल की बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी थी। इस हादसे में बस चालक शाहिद अहमद लोन की मौत हो गई थी, जबकि कई छात्र घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल दो छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर स्थित एसएमएचएस अस्पताल रेफर किया गया था।
इस घटना के बाद स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, इसी वर्ष परिवहन विभाग की जांच में स्कूल की कुछ बसों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई थीं। अधिकारियों ने तब कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जब्त भी किया था, हालांकि बाद में कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
ताजा हादसे के बाद स्कूल परिवहन व्यवस्था की दोबारा व्यापक जांच और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
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