हरियाणा में मतदाता सूची का पहला ड्राफ्ट जारी, 33.84 लाख मतदाताओं के नाम हटे

HIGHLIGHTS
- SIR प्रक्रिया के बाद हरियाणा में हटाए गए वोटरों के कारणों की अलग-अलग श्रेणियां जारी की गई हैं।
- गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरी क्षेत्रों में मतदाता नाम हटने का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा।
- मतदाता दावे और आपत्तियां दर्ज कराकर सूची में नाम जुड़वाने या सुधार कराने का मौका पा सकते हैं।
हरियाणा में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के पहले चरण के पूरा होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में कुल दो करोड़ छह लाख मतदाताओं में से एक करोड़ 72 लाख 27 हजार 135 मतदाताओं के नाम प्रकाशित किए गए हैं। वहीं, 33.84 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
हटाए गए मतदाताओं में सबसे अधिक संख्या शहरी क्षेत्रों की है। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे जिले शामिल हैं।
ड्राफ्ट मतदाता सूची निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S07 पर उपलब्ध है। मतदाता अपने जिले और क्षेत्र की जानकारी दर्ज कर सूची में अपना नाम देख सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 3 सितंबर को जारी की जाएगी।
हटाए गए 33.84 लाख नामों का विवरण जारी
निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची से हटाए गए 33.84 लाख नामों की सूची भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। यह सूची https://ceoharyana.gov.in/WebCMS/Start/1988 पर उपलब्ध है। इसके अलावा सभी पंचायत भवनों और स्थानीय निकाय कार्यालयों में भी इसे चस्पा किया गया है।
हटाए गए 33.84 लाख मतदाताओं में 9 लाख 36 हजार 646 लोग ऐसे हैं, जो दिए गए पते पर नहीं मिले। वहीं, 13 लाख 75 हजार 278 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं। 7 लाख 66 हजार 205 मतदाताओं को मृत घोषित किया गया है, जबकि 2.05 लाख लोगों के नाम पहले से ही अन्य स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं।
यह ड्राफ्ट मतदाता सूची 24 जुलाई को समाप्त हुई गणना प्रक्रिया के दौरान प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर तैयार की गई है।
ऐसे चेक करें अपना नाम
ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना और परिवार के सदस्यों का नाम देखना आसान है। इसके लिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध ड्राफ्ट मतदाता सूची के लिंक को खोलना होगा।
इसके बाद इलेक्ट्रोल रोल डैशबोर्ड में सबसे पहले जिला चुनना होगा। फिर विधानसभा क्षेत्र का चयन कर कैप्चा भरना होगा। इसके बाद बूथवार सूची उपलब्ध होगी। संबंधित बूथ की पीडीएफ डाउनलोड करने के बाद मतदाता उसमें अपना नाम देख सकते हैं।
मतदाताओं को नाम की स्पेलिंग, पति या पिता का नाम, मकान नंबर, उम्र और फोटो की जांच करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क कर सकते हैं। बीएलओ को बूथवार मतदाता सूची विशेष एप्लीकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बूथ स्तरीय सहायकों से भी संपर्क किया जा सकता है।
नाम जोड़ने और सुधार के लिए अलग-अलग फॉर्म
हरियाणा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन, पता बदलने और डुप्लीकेट वोटर कार्ड के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए गए हैं। आवेदन ईआरओ, एईआरओ या बीएलओ के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकते हैं।
फॉर्म-6: नया नाम जोड़ने के लिए।
फॉर्म-6A: एनआरआई मतदाता का नाम जोड़ने के लिए।
फॉर्म-7: किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने या मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए।
फॉर्म-8: निवास परिवर्तन, मतदाता विवरण में संशोधन, डुप्लीकेट वोटर कार्ड और दिव्यांग मतदाता के रूप में अंकन कराने के लिए।
ईआरओ के फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 31 जुलाई से 30 अगस्त तक रहेगी। वहीं, दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 31 जुलाई से 28 सितंबर तक चलेगी।
इस दौरान निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) सभी मामलों की जांच करेंगे। दस्तावेजों में विसंगति पाए जाने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। उन्हें जरूरी दस्तावेज जमा करने का मौका भी मिलेगा।
नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों की सूची पंचायत, नगर निकाय और खंड विकास कार्यालयों के सूचना पट पर भी प्रदर्शित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस जारी किया जाएगा, जांच की जाएगी और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। प्रत्येक मामले में कारणयुक्त आदेश पारित किया जाएगा।
यदि कोई व्यक्ति ईआरओ के फैसले से संतुष्ट नहीं है तो वह आदेश की तारीख से 15 दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के सामने अपील कर सकता है। वहीं, डीएम के फैसले के खिलाफ 30 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष दूसरी अपील की जा सकती है।
18.57 लाख मतदाताओं को भेजा जाएगा नोटिस
ड्राफ्ट मतदाता सूची में 18.57 लाख ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनका मिलान वर्ष 2002 में हुए अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान तैयार मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। इन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा ड्राफ्ट सूची में 28.62 लाख जनसांख्यिकीय समान प्रविष्टियां भी सामने आई हैं। इनमें नाम, संबंधी का नाम, संबंध का प्रकार, उम्र, लिंग और पता जैसी जानकारियों में समानता या मामूली अंतर पाया गया है।
वहीं, 26.29 लाख मतदाताओं के मामलों में भी विसंगतियां मिली हैं। इनमें मतदाता और पिता की उम्र में 15 वर्ष या उससे कम का अंतर, मतदाता और दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र में 40 वर्ष या उससे कम का अंतर और एक ही व्यक्ति को छह से अधिक मतदाताओं द्वारा माता-पिता के रूप में दर्ज कराने जैसे मामले शामिल हैं।
इन मामलों की जांच बीएलओ करेंगे। जांच से संतुष्ट नहीं होने पर बीएलओ संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेज सकते हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा वोट कटे
- गुरुग्राम: 29.27 प्रतिशत
- फरीदाबाद: 27.43 प्रतिशत
- पंचकूला: 23.29 प्रतिशत
- सोनीपत: 19.38 प्रतिशत
- पानीपत: 18.86 प्रतिशत
- रोहतक: 18.76 प्रतिशत
- झज्जर: 18.04 प्रतिशत
इन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नाम हटे
- गुरुग्राम: 38.93 प्रतिशत
- फरीदाबाद: 35.15 प्रतिशत
- बल्लभगढ़: 35.01 प्रतिशत
- करनाल: 33.08 प्रतिशत
- पंचकूला: 30.35 प्रतिशत
- सोनीपत: 29.38 प्रतिशत
- फरीदाबाद एनआईटी: 27.08 प्रतिशत
- पानीपत सिटी: 26.86 प्रतिशत
- रोहतक: 25.28 प्रतिशत
- तिगांव: 24.71 प्रतिशत
- अंबाला कैंट: 24.69 प्रतिशत
- बहादुरगढ़: 24.47 प्रतिशत
- पानीपत ग्रामीण: 23.98 प्रतिशत
- थानेसर: 23.57 प्रतिशत
- सिरसा: 23.53 प्रतिशत
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