शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1048 अंक टूटा

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
BSE Sensex 1,048.27 अंक लुढ़ककर 82,626.65 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 335.80 अंक गिरकर 25,471.40 के स्तर पर आ गया। हालिया ट्रेड डील के बाद यह पहली बार है जब बाजार में एक ही दिन में इतनी बड़ी कमजोरी देखने को मिली है। बीते सप्ताह की तेजी लगभग पूरी तरह से मिट गई।
मेटल और रियल्टी शेयरों पर दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और रियल्टी में रही। मेटल इंडेक्स करीब 3.31% फिसल गया। कमजोर तिमाही नतीजों के बाद हिंडाल्को के शेयरों में गिरावट का असर पूरे सेक्टर पर पड़ा। रियल्टी इंडेक्स भी 2% से अधिक टूट गया।
इसके अलावा एफएमसीजी, आईटी, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे प्रमुख सेक्टर भी दबाव में रहे। व्यापक गिरावट के चलते निवेशकों की बड़ी पूंजी बाजार से साफ होती नजर आई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली
सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मंझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी गिरावट की चपेट में रहे। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांक करीब 1.7–1.8% तक टूटे। निफ्टी 500 इंडेक्स में भी उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई।
छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर इसका सीधा असर पड़ा और बाजार में चौतरफा दबाव दिखाई दिया।
इंडिया VIX में उछाल, बढ़ी अनिश्चितता
बाजार की घबराहट का संकेत देने वाला India VIX करीब 13% उछलकर 13.29 पर पहुंच गया। आमतौर पर VIX में तेजी निवेशकों के बीच बढ़ते डर और अनिश्चितता को दर्शाती है।
साथ ही डॉलर की मजबूती के कारण रुपया भी दबाव में रहा और 90.69 के स्तर तक फिसल गया, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
गिरावट के पीछे क्या वजह?
विश्लेषकों के मुताबिक, कई कारकों ने मिलकर बाजार की धारणा को कमजोर किया। आईटी सेक्टर में एआई आधारित बदलावों को लेकर आशंकाएं, अमेरिकी बाजारों में कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती को लेकर घटती उम्मीदों ने वैश्विक माहौल को प्रभावित किया।
इसके अलावा, कुछ बड़ी कंपनियों के कमजोर नतीजों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। फिलहाल बाजार उतार-चढ़ाव के दौर में है और आने वाले सत्रों में भी अस्थिरता बनी रह सकती है।
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