हिमाचल में मानसून का कहर, 2 अगस्त तक भारी बारिश के आसार

HIGHLIGHTS
- हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय होने से 27 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
- सोलन के कंडाघाट में सबसे ज्यादा 106.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, वहीं कई इलाकों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ा है।
- नाहन में झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, किसानों को भी फसलों के लिए फायदा होने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के शिमला केंद्र ने 27 जुलाई से 2 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 से 31 जुलाई के बीच कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है, जबकि 27 जुलाई को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।
सोलन के कंडाघाट में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों में सोलन जिले के कंडाघाट में सबसे अधिक 106.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बिलासपुर के काहू में 40.2 मिमी, कुल्लू के कोठी में 39.2 मिमी, शिमला जिले के सराहन में 34.5 मिमी, मंडी के जोगिंद्रनगर में 31 मिमी, सिरमौर के जट्टों बैराज में 24.4 मिमी और शिमला शहर में 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ दोनों सक्रिय हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ा
भारी बारिश को देखते हुए प्रदेश में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में भी कमी दर्ज की गई है। ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
नाहन में झमाझम बारिश, लोगों को उमस से राहत
जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली। सुबह करीब 10:30 बजे आसमान में बादल छा गए और कुछ देर बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण नाहन क्षेत्र में उमस बढ़ गई थी। सोमवार को हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों ने राहत महसूस की।
बारिश से कृषि क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर हुई यह बारिश नकदी फसलों और फलदार पौधों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। इससे फसलों की बढ़वार बेहतर होने और उत्पादन में सुधार की संभावना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया है और वातावरण में ताजगी महसूस हो रही है।
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