प्रयागराज में जलभराव पर हाई कोर्ट सख्त, 24 से 28 घंटे में राहत देने का निर्देश

HIGHLIGHTS
- नगर आयुक्त ने जलभराव से निपटने की पूरी योजना तैयार होने की जानकारी दी
- गुरुवार को नगर आयुक्त और शहरी विकास विभाग के हलफनामे होंगे पेश
- जार्ज टाउन, टैगोर टाउन और अल्लापुर समेत कई इलाकों में पानी भरा
प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट में बुधवार को जिलाधिकारी और नगर निगम आयुक्त ने प्रयागराज शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखा। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने दारागंज मोरी गेट से जल निकासी की अनुमति देते हुए निर्देश दिया कि 24 से 28 घंटे के भीतर शहर में जलभराव की स्थिति समाप्त कराई जाए।
हाई कोर्ट ने 18 अगस्त को स्वतः संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त और जिलाधिकारी को 20 अगस्त को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया था। वहीं, न्यायमूर्ति सिद्धार्थनंदन की एकलपीठ ने मंगलवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए एक अन्य जनहित याचिका कायम की थी। इसे इसी खंडपीठ द्वारा कायम जनहित याचिका के साथ जोड़ दिया गया है।
बुधवार को इसी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। नगर आयुक्त ने अदालत को बताया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पूरी योजना तैयार है और इसका हलफनामा गुरुवार तक दाखिल किया जाएगा।
अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल के अनुसार, सचिव, उत्तर प्रदेश शहरी विकास विभाग का हलफनामा भी गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। कोर्ट ने प्रदेश सरकार के स्थानीय निकाय निदेशक से भी हलफनामा मांगा है। इसमें यह बताने का निर्देश दिया गया है कि बारिश के पानी से शहर को राहत दिलाने के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं।
नगर आयुक्त को गुरुवार को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है, जबकि जिलाधिकारी को फिलहाल उपस्थिति से छूट दी गई है। इससे पहले मंगलवार को न्यायमूर्ति सिद्धार्थनंदन की एकलपीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी और अमरेंद्र नाथ सिंह ने शहर के हालात की जानकारी दी थी।
अदालत को बताया गया था कि जार्ज टाउन, टैगोर टाउन, अल्लापुर, अलोपीबाग, बैरहना, रामबाग और प्रीतम नगर समेत कई इलाके जलमग्न हैं। जलभराव की वजह से कई अधिवक्ता और उनके क्लर्क अदालत तक नहीं पहुंच सके, जिसके चलते सूचीबद्ध मामलों से संबंधित फाइलें भी समय पर नहीं पहुंच पाईं।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि करीब 3000 से 4000 घरों में सिर्फ बारिश का पानी ही नहीं, बल्कि सीवर का पानी भी घुस रहा है। एमजी मार्ग स्थित ग्रीन बेल्ट पर कैचमेंट एरिया विकसित करने का प्रस्ताव प्रमुख सचिव (नगर विकास विभाग) को भेजा गया था। विभागीय मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव मुख्य सचिव के पास लंबित है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.