'होर्मुज में सिर्फ भारत के जहाजों पर हो रहा हमला', नाविक का दावा; वीडियो वायरल

नई दिल्ली। ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तैनात कमर्शियल जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों ने गंभीर हालात का हवाला देते हुए सुरक्षा और मदद की गुहार लगाई है। नाविकों का आरोप है कि क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के दौरान उनके जहाजों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में कई भारतीय क्रू सदस्य बेहद तनावपूर्ण स्थिति का जिक्र करते हुए मदद की अपील करते नजर आ रहे हैं।
“सिर्फ भारतीय क्रू वाले जहाज निशाने पर”
वायरल वीडियो में एक नाविक दावा करता है कि इस क्षेत्र में हालात बेहद खराब हैं और खासकर भारतीय चालक दल वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। नाविकों ने कहा कि वे किसी सैन्य गतिविधि का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट के तहत समुद्री व्यापार में काम करते हैं।
एक क्रू मेंबर ने कहा कि वे ईंधन और व्यापारिक माल की ढुलाई से जुड़े हुए हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को चलाने में योगदान दे रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें संघर्ष में घसीटा जा रहा है।
नाविकों का दर्द और अपील
एक अन्य नाविक ने बताया कि हजारों भारतीय नाविक इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्रू सदस्यों ने कहा कि पहले हुए हमलों की जानकारी भी उन्हें सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।
टैंकर हमले और बचाव अभियान का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दिनों ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर ‘मैरिवेक्स’ में आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद क्रू ने मदद की अपील की थी। बताया गया कि जहाज पर 24 भारतीय सवार थे और हमले के बाद स्थिति गंभीर हो गई थी।
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि क्षेत्र में कई तेल टैंकरों को सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जिनमें भारतीय नाविक भी मौजूद थे। एक घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत की भी सूचना सामने आई थी, जबकि अन्य जहाजों से कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
अमेरिकी कार्रवाई और दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि कुछ जहाजों पर कार्रवाई की गई क्योंकि वे प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे थे और ईरान से जुड़े नियमों के तहत संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि जहाजों को निष्क्रिय करने के लिए सटीक सैन्य कार्रवाई की गई।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस पूरी घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका की कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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