पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 2,700 अंक टूटा

सोमवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच भारतीय शेयर बाजार में तीव्र बिकवाली का दौर देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ खुले और कुछ ही मिनटों में निवेशकों के कुल संपत्ति मूल्य में 7.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी दर्ज हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2,743 अंकों की गिरावट के साथ 78,543 पर और निफ्टी 519 अंकों की गिरावट के साथ 24,659 पर खुला, जिससे 25,000 का महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर टूट गया।
सुबह 10:39 बजे सेंसेक्स 1,059 अंक (1.30%) की गिरावट के साथ 80,227.78 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 शेयरों वाला सूचकांक 322.11 अंक (1.28%) नीचे 24,856.55 पर ट्रेड कर रहा था।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
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पश्चिम एशिया में युद्ध का बढ़ता खतरा:
अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए मिसाइल हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनी और उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत ने वैश्विक बाजार में डर का माहौल पैदा किया। -
ईरान के जवाबी हमले:
खामेनी की हत्या के बाद ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए जवाबी हमलों ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अनिश्चितता का प्रभाव निकट भविष्य में बाजार पर बना रहेगा। -
तेजी से बढ़ती तेल कीमतें:
ब्रेंट क्रूड वायदा 82.37 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 71.86 डॉलर तक पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकावट की आशंका और तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के मन में भय पैदा किया। -
वैश्विक चेतावनियों का असर:
ब्रिटेन के बैंक ‘बार्कलेज’ की रिपोर्ट में बताया गया कि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के कारण ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। -
निवेशक भावना पर असर:
अस्थिर वैश्विक माहौल और भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़े। इसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखा। सोने का भाव 6,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 10,400 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया।
सेक्टोरल आउटलुक
सेंसेक्स पर इंडिगो, लार्सन एंड टुब्रो, अदानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स जैसे शेयर 2-4% तक टूटे। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट हुई, जबकि ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1% से अधिक नीचे गए।
दूसरी ओर, रक्षा क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बनी रही। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) के शेयर 1% से अधिक की बढ़त के साथ हरे निशान में रहे।
वैश्विक बाजार का हाल
पश्चिम एशिया संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उतार-चढ़ाव और महंगाई का डर बढ़ गया। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में गिरावट देखी गई, जबकि सुरक्षित निवेश की मांग ने कीमती धातुओं में तेजी लाई।
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