महंगाई का झटका! पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, इस कंपनी ने बढ़ाए दाम

देश की प्रमुख निजी ईंधन रिटेलर कंपनियों में शामिल नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।
जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल के चलते यह कदम उठाया गया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक तेल बाजार में तेजी आई है, जिसका असर अब घरेलू कीमतों पर दिखने लगा है।
बताया जा रहा है कि फरवरी के अंत से अब तक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। वहीं भारत में लंबे समय से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई थीं, जिससे ईंधन कंपनियों पर लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा था।
नायरा एनर्जी देशभर में करीब 7 हजार पेट्रोल पंप संचालित करती है। बढ़ती लागत के दबाव को देखते हुए कंपनी ने अब इसका कुछ भार उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है। हालांकि, इस संबंध में कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कीमतों में वास्तविक बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकती है, क्योंकि यह स्थानीय करों जैसे वैट पर निर्भर करती है। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि देखी गई है।
दूसरी ओर, रिलायंस और बीपी की साझेदारी वाली जियो-बीपी ने फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, हालांकि उसे बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जो बाजार के बड़े हिस्से पर काबिज हैं, अप्रैल 2022 से कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि निजी कंपनियों को घाटे की भरपाई के लिए किसी तरह की सरकारी मदद नहीं मिलती, जबकि सरकारी कंपनियों को कीमतें नियंत्रित रखने में सहूलियत रहती है। ऐसे में लगातार बढ़ते नुकसान के बीच निजी कंपनियों के लिए दाम बढ़ाना लगभग मजबूरी बन गया है।
हाल ही में सरकारी कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (95 ऑक्टेन) की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर और औद्योगिक उपयोग वाले बल्क डीजल में करीब 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 101.89 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि बल्क डीजल 109.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसके बावजूद सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी स्थिर हैं।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। हाल ही में कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचीं, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल रह गईं।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और आपूर्ति बाधाओं की आशंका के कारण आगे भी ईंधन की कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
सरकार का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम डीरेगुलेटेड हैं और इन्हें तय करने का अधिकार तेल विपणन कंपनियों के पास है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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