मुजफ्फरनगर में किराएदारों की सघन जांच, पुलिस टीमों ने बढ़ाई निगरानी

मुजफ्फरनगर। जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा किरायेदारों और होटलों–ढाबों में काम करने वाले कर्मचारियों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। सभी थानों में इसके लिए अलग से रजिस्टर तैयार किए गए हैं, जिनमें किरायेदारों और नौकरों का पूरा विवरण दर्ज किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान पुलिस हर व्यक्ति के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
अभियान की शुरुआत हाल ही में की गई थी और एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत तथा एसपी देहात आदित्य बंसल के नेतृत्व में पुलिस टीमें घर–घर जाकर जानकारी इकट्ठा कर रही हैं। किरायेदारों और कर्मचारियों के आधार कार्ड समेत अन्य आवश्यक जानकारी थानों पर बनाए गए सत्यापन रजिस्टरों में अपडेट की जा रही है।
दूसरे राज्यों से आकर रहने वाले लोगों के बारे में पुलिस उनके मूल निवास स्थान के थानों से भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही, पुलिस ने मोहल्लों में पहुंचकर मकान मालिकों से अपील की है कि किसी भी नए किरायेदार को रखने से पहले उसका विवरण थाने में जरूर दें, ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुचारु रूप से की जा सके। एसएसपी का कहना है कि इस अभियान से जिले में बाहरी राज्यों से आए संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों को चिन्हित करने में काफी मदद मिलेगी।
अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी, एक गिरफ्तार
सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता भी हाथ लगी। चरथावल थाना क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री का खुलासा किया गया है, जहां बिना अनुमति के पटाखों का निर्माण और भारी मात्रा में भंडारण किया जा रहा था। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि पावटी रोड स्थित एक किराए के गोदाम पर छापेमारी में अधबने पटाखे, 1600 अनार, 25 किलो बारूद तथा निर्माण सामग्री बरामद हुई। मौके से मोहल्ला तीरगरान निवासी अरशद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि पटाखों का निर्माण कराने वाला रियासत फरार हो गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गाजियाबाद के कुछ लोग भी इस अवैध पटाखा निर्माण में शामिल थे।
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