खत्म होगा ईरान युद्ध, समझौते की रूपरेखा पर बनी सहमति, ट्रंप का दावा

HIGHLIGHTS
- ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए समझौते की जानकारी दी।
- प्रस्ताव में हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु खतरे पर चर्चा का दावा।
- सऊदी अरब ने भी तनाव कम करने और बातचीत से समाधान पर जोर दिया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान युद्ध खत्म करने का एलान किया है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने दावा किया है कि पश्चिम एशिया के देशों के बीच ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने पर सहमति बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब ईरान पर नए हमले नहीं करेगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बना ली है।
उन्होंने कहा कि इस प्रगति को देखते हुए फिलहाल पांच महीने पुराने इस संघर्ष में नए सैन्य हमलों के आदेश नहीं दिए जाएंगे। ट्रंप ने बताया कि प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल है।
ट्रंप ने लिखा, "मैंने दुनिया के हित और एक सफल एवं समृद्ध ईरान के अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए फिलहाल हमला रद्द करने पर सहमति दी है, बशर्ते जल्द समझौता हो सके।"
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस्राइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के साथ समझौते को पूरा करने और युद्ध समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सऊदी अरब और अमेरिका के बीच हुई बातचीत
इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और ट्रंप से संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की थी।
दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत उस समय हुई, जब ट्रंप ने सेना को ईरान पर नए हमलों के निर्देश दिए थे।
सऊदी अरब ने हमले रोकने की अपील क्यों की?
सऊदी अरब को आशंका थी कि अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे या अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर बड़े हमले करता है तो तेहरान जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है।
इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के कई लॉजिस्टिक और हथियार ठिकानों पर अमेरिकी कार्रवाई में सहयोग किया था। हालांकि, रियाद लगातार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील करता रहा।
इसी सिलसिले में सऊदी रक्षा मंत्री और क्राउन प्रिंस के भाई खालिद बिन सलमान बुधवार को वॉशिंगटन पहुंचे थे। उन्होंने ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अलग-अलग मुलाकात कर ईरान को लेकर रणनीति पर चर्चा की थी।
नेतन्याहू ने की थी अभियान जारी रखने की अपील
ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की थी। फरवरी में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बैठक थी।
बैठक के दौरान नेतन्याहू ने ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने का आग्रह किया था। हालांकि, इसके बाद ट्रंप ने अचानक ईरान युद्ध खत्म करने पर सहमति बनने का दावा कर सभी को चौंका दिया।
ईरान युद्ध ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। यह संघर्ष कई अमेरिकी नागरिकों के बीच अलोकप्रिय रहा है और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है।
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