डेहरी EO विमल कुमार मर्डर केस: पोस्टमार्टम में गहरे जख्म मिले, मौत की वजह पर सस्पेंस

HIGHLIGHTS
- दानापुर स्थित आवास पर परिजनों और लोगों में शोक का माहौल।
- पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि नहीं, चोटों की बात सामने आई।
- हत्या मामले में चालक हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ।
दानापुर। रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या की घटना ने पूरे बिहार को स्तब्ध कर दिया है।
शनिवार रात औरंगाबाद में हुई इस वारदात के बाद पुलिस हत्या के कारणों की जांच में जुटी हुई है। वहीं, दानापुर स्थित उनके आवास पर शोक का माहौल बना हुआ है।
दानापुर के गंगा कुटीर अपार्टमेंट में पसरा सन्नाटा
मूल रूप से गया जिले के शेरघाटी निवासी विमल कुमार दानापुर के गोला रोड स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-501 के मालिक थे।
नौकरी के कारण वे डेहरी के सिंचाई कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में रहते थे, जबकि उनकी पत्नी बबीता कुमारी अपने दो छोटे बच्चों के साथ दानापुर में रहती थीं।
उनके परिवार में सात वर्षीय बेटी वैभवी विमल और पांच वर्षीय बेटा विवान विमल हैं। हत्या की जानकारी मिलने के बाद बबीता कुमारी दोनों बच्चों के साथ औरंगाबाद के लिए रवाना हो गईं। अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के मुताबिक, घटना के बाद पूरे परिसर में शोक का माहौल है।
दानापुर नगर परिषद में भी दे चुके थे सेवा
विमल कुमार 11 मार्च 2024 से 2 जून 2024 तक दानापुर नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर तैनात रहे थे। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली।
घटना के विरोध में लोगों ने दानापुर के टी-प्वाइंट के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विमल कुमार के पिता का नाम युगल किशोर प्रसाद है। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई अनिल कुमार और विजय कुमार हैं। उनका ससुराल पश्चिम चंपारण जिले के आदापुर में है। अचानक हुई इस घटना से दोनों परिवारों में शोक छा गया है।
पोस्टमार्टम में सामने आए गंभीर चोटों के संकेत
विमल कुमार का पोस्टमार्टम रविवार तड़के करीब चार बजे सासाराम सदर अस्पताल में तीन डॉक्टरों की विशेष टीम ने किया। टीम का नेतृत्व सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने किया।
पोस्टमार्टम टीम में आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार, जनरल सर्जन डॉ. प्रिय रंजन और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. संजय कुमार शामिल थे। इस दौरान सासाराम के डीसीएलआर अमर ज्योति मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। शरीर पर गंभीर चोटों के कई निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी भारी वस्तु जैसे लोहे की रॉड से हमला किया गया।
बताया जा रहा है कि शरीर की कई हड्डियां टूटी हुई मिली हैं। गला, छाती और पीठ पर भी गहरे चोट के निशान पाए गए हैं। इससे आशंका है कि हत्या से पहले उनकी बुरी तरह पिटाई की गई थी। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
हत्या की जांच में जुटी पुलिस
पोस्टमार्टम के दौरान रोहतास के डीएम दीपक कुमार मिश्र, एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी, मृतक की पत्नी बबीता कुमारी और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
वहीं, पुलिस इस हत्याकांड की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मामले में मृतक के चालक को गिरफ्तार किया जा चुका है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस को उम्मीद है कि चालक से पूछताछ और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सकेगा।
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