इजरायल-यूएस का साथ दिया तो मानेंगे ‘एक्ट ऑफ वॉर’, ईरान ने यूरोप को चेताया

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि अगर यूरोप ने अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में किसी भी रूप में भाग लिया, तो इसे ईरान के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है।
ईरान का रुख
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बकाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘डिफेंसिव एक्शन’ के नाम पर भी किसी देश का अमेरिका-इस्राइल अभियान में शामिल होना आक्रामकता के बराबर होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
यूरोप की प्रतिक्रिया और ईरान का जवाब
जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने पहले बयान दिया था कि वे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते हैं। ईरान ने इसे सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की तैयारी के रूप में देखा है।
यूरोपीय देशों ने हालांकि कहा है कि वे सीधे युद्ध में शामिल नहीं हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं। यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
ब्रिटेन और फ्रांस का रुख
ब्रिटेन ने अमेरिकी बलों को अपने बेस का उपयोग करने की अनुमति दे दी है। वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि सहयोगी देशों की मदद की आवश्यकता होने पर फ्रांस उनकी रक्षा करेगा और अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।
नागरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव
फ्रांस ने बताया कि प्रभावित देशों में लगभग चार लाख फ्रांसीसी नागरिक हैं, जिन्हें हालात बिगड़ने पर वाणिज्यिक और सैन्य उड़ानों के माध्यम से निकाला जा सकता है। इसी बीच क्षेत्र में हमलों का सिलसिला जारी है, और रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले से तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करेगा।
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