गाजा पर ट्रंप की 15 सूत्री योजना को इस्राइल ने नकारा, हमास के निरस्त्रीकरण पर अड़े नेतन्याहू

HIGHLIGHTS
- नेतन्याहू ने ट्रंप को बताया अच्छा दोस्त
- इस्राइल और अमेरिका के बीच योजना पर बातचीत जारी
- हमास के हथियार छोड़ने को बनाया मुख्य मुद्दा
इस्राइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा के लिए 15 सूत्री योजना को खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता, तब तक इस्राइली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी।
मंत्रिमंडल की बैठक में नेतन्याहू ने कहा, “हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनके अच्छे दोस्त हैं, फिर भी इस्राइल 15 सूत्री दस्तावेज को खारिज करता है।” उन्होंने जुलाई के अंत में हमास की ओर से समर्थन किए गए प्रस्ताव का जिक्र करते हुए यह बात कही।
हमास को लेकर क्या बोले नेतन्याहू?
नेतन्याहू ने कहा, “इस्राइली सेना तब तक किसी तरह की वापसी नहीं करेगी, जब तक हमास को वास्तव में निरस्त्र नहीं कर दिया जाता। हमारी सेना और हमारे नागरिकों के खिलाफ खतरों को नाकाम करने का काम जारी रहेगा।”
नेतन्याहू का यह बयान गाजा युद्ध खत्म करने के ट्रंप के प्रयासों के एक अहम हिस्से को खारिज करता है। इस्राइल का कहना है कि उसकी सेना की वापसी से पहले हमास को अपने हथियार छोड़ने होंगे।
ट्रंप ने किया था गाजा में शांति समझौते का एलान
ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि संघर्ष खत्म करने की उनकी योजना में बड़ी सफलता मिली है। इसके तहत इस्राइल और हमास दोनों इस ढांचे पर सहमत हो गए थे। इसके बाद युद्धविराम लागू हुआ था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि 7 अक्टूबर 2023 को इस्राइल पर हुए हमले के बाद शुरू हुए युद्ध से पहले करीब दो दशक तक गाजा पर नियंत्रण रखने वाले हमास ने हथियार डालने पर सहमति जताई थी।
हालांकि, पिछले अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बावजूद इस्राइल ने गाजा में हमले जारी रखे हैं। नेतन्याहू के ताजा रुख के बाद ट्रंप की गाजा योजना के अगले चरण में हमास का निरस्त्रीकरण सबसे अहम मुद्दा बन गया है। इस्राइल ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फलस्तीनी सशस्त्र समूह के पास हथियार हैं, तब तक वह अपनी सेना वापस लेने के लिए तैयार नहीं है।
नेतन्याहू ने खुले तौर पर नकारी ट्रंप की योजना
नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप उनके अच्छे दोस्त हैं और ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल की साझेदारी भी सराहनीय रही है, लेकिन इस मामले में वह अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने दोहराया कि “उनके रहते कभी भी ईरान परमाणु हथियार संपन्न नहीं हो पाएगा।”
इस्राइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू पर उनके कट्टरपंथी दक्षिणपंथी सहयोगियों की ओर से नई मंत्रिमंडल बैठक बुलाने और गाजा योजना को खत्म करने का दबाव भी है। सर्वेक्षणों के अनुसार, नेतन्याहू सत्ता में बने रहने के लिए कड़े मुकाबले में हैं।
नेतन्याहू ने बताया कि इस्राइल अपनी आपत्तियों को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, “उनके पास कुछ विचार हैं। उनमें से कुछ हमें स्वीकार्य हैं और कुछ नहीं हैं। हम जानते हैं कि इन मुद्दों पर अपने रुख पर कैसे कायम रहना है।”
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