जयशंकर की अमेरिका यात्रा: रुबियो से मुलाकात और नए व्यापार समझौते पर चर्चा

वॉशिंगटन। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच एक नया व्यापार समझौता घोषित किया है। जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर हैं।
विदेश मंत्री बुधवार को होने वाली पहली क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इस बैठक की मेजबानी मार्को रुबियो कर रहे हैं। बैठक का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों—जैसे लिथियम और कोबाल्ट—की सप्लाई चेन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। ये खनिज नई तकनीक, आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।
व्यापार समझौते से भारतीय उत्पादों को फायदा
इस मुलाकात से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि भारत और अमेरिका के बीच नया व्यापार समझौता हुआ है। इसके तहत भारत पर अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि “मेड इन इंडिया उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए अच्छी खबर है। इसके लिए राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद।” उन्होंने यह भी कहा कि दोनों बड़े लोकतंत्र जब साथ काम करते हैं, तो दुनिया में शांति और समृद्धि को बढ़ावा मिलता है।
वैश्विक सहयोग पर ध्यान
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह पहली क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देगी। इसमें सप्लाई चेन को विविध और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, मार्को रुबियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शुरुआती संबोधन देंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जयशंकर और रुबियो की यह मुलाकात और नया व्यापार समझौता भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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