कल्याण बनर्जी का यू-टर्न, अभिषेक बनर्जी को बताया ‘पुत्र समान’

HIGHLIGHTS
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने अपने हालिया बयानों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
- पहले जहां उन्होंने पार्टी नेतृत्व को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए ममता बनर्जी से “नेतृत्व चुनने” तक की बात कही थी, वहीं अब उनके सुर कुछ नरम नजर आ रहे हैं।
- अभिषेक बनर्जी को लेकर बदला रुख नए बयान में कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के प्रति सुलह का संकेत दिया है।
- उन्होंने कहा कि अभिषेक उनके लिए पुत्र समान हैं और एक पिता की तरह उनका कर्तव्य है कि वह अपनी संतान की गलतियों को माफ करें।…
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने अपने हालिया बयानों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पहले जहां उन्होंने पार्टी नेतृत्व को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए ममता बनर्जी से “नेतृत्व चुनने” तक की बात कही थी, वहीं अब उनके सुर कुछ नरम नजर आ रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी को लेकर बदला रुख
नए बयान में कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के प्रति सुलह का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अभिषेक उनके लिए पुत्र समान हैं और एक पिता की तरह उनका कर्तव्य है कि वह अपनी संतान की गलतियों को माफ करें। साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में है और पश्चिम बंगाल में विपक्ष की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
विवाद और नाराजगी की पृष्ठभूमि
दरअसल, फर्जी हस्ताक्षर मामले से जुड़े एक घटनाक्रम के बाद अभिषेक बनर्जी द्वारा उन्हें कानूनी पैरवी से हटाए जाने पर कल्याण बनर्जी नाराज हो गए थे। उन्होंने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा था कि वरिष्ठता का सम्मान नहीं किया जा रहा है और उनके भरोसे को ठेस पहुंची है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अभिषेक बनर्जी पर अत्यधिक अहंकार हावी है और वह वरिष्ठ नेताओं पर भरोसा नहीं करते। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि वह किसी भी मामले में अब अभिषेक का केस नहीं लड़ेंगे।
अभिषेक बनर्जी का जवाब
विवाद बढ़ने के बाद अभिषेक बनर्जी ने भी संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कल्याण बनर्जी उनसे वरिष्ठ हैं और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि वे उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
बागी सांसदों और राजनीतिक माहौल पर टिप्पणी
कल्याण बनर्जी ने पार्टी के कुछ बागी सांसदों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे भाजपा के प्रभाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि राज्य में विपक्षी दलों को दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है।
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