कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिली जमानत

कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें टेरर फंडिंग के एक अन्य मामले में जमानत प्रदान की थी। शब्बीर शाह को 2019 में NIA ने गिरफ्तार किया था।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने 12 मार्च 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत का आदेश पारित किया था। शाह की ओर से सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्विस ने दलीलें पेश कीं, जबकि NIA की तरफ से एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए।
शाह की अपील में कहा गया कि मुख्य आरोपपत्र और पहले पूरक आरोपपत्र में उनका नाम शामिल नहीं था। साथ ही, वह लंबे समय से हिरासत में हैं और मामले में अभियोजन पक्ष को लगभग 400 गवाहों से बयान दर्ज कराने हैं, जिससे जल्द सुनवाई की संभावना बेहद कम है।
जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप
4 अक्टूबर 2019 को NIA की ओर से दाखिल दूसरी पूरक आरोपपत्र में शब्बीर शाह को आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन को बढ़ावा दिया, मारे गए आतंकवादियों के परिवारों को मदद पहुंचाई, हवाला और नियंत्रण रेखा पार ट्रेड के जरिए धन जुटाया। यह धन कथित तौर पर उग्र गतिविधियों को बढ़ावा देने में इस्तेमाल किया गया।
पहले हाईकोर्ट में राहत नहीं मिली थी
शब्बीर शाह ने इससे पहले स्पेशल एनआईए कोर्ट द्वारा 7 जुलाई 2023 को जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील में फिर वही तर्क रखे गए कि मुख्य आरोपपत्र और पहले पूरक आरोपपत्र में उनका नाम नहीं था और वह लंबे समय से हिरासत में हैं, जिससे जल्द सुनवाई की संभावना नहीं है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.