केजरीवाल का हमला: वांगचुक के साथ भाजपा कर रही घटिया राजनीति

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के साथ केंद्र सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा शासित केंद्र सरकार वांगचुक जैसे देशभक्त और नवाचारों के अग्रणी व्यक्तित्व को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बना रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वांगचुक ने शिक्षा सुधार और नवाचार के क्षेत्र में अपना पूरा जीवन समर्पित किया, लेकिन सरकार का पूरा तंत्र उन्हें परेशान कर रहा है। केजरीवाल ने कहा, “जो व्यक्ति देश और युवाओं के भविष्य के बारे में सोचता है, उसे प्रताड़ित करना भाजपा की घटिया राजनीति का उदाहरण है। ऐसे लोगों के नेतृत्व में देश का विकास कैसे संभव है?”
वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी वांगचुक का समर्थन करते हुए कहा कि वह केवल लद्दाख की आवाज नहीं बल्कि पूरे भारत के युवाओं की उम्मीद हैं। उन्होंने कहा कि वांगचुक की सादगी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और देशभक्ति का मिश्रण उन्हें विशेष बनाता है। लेकिन भाजपा शासन में एक सच्चे शिक्षक और नवोन्मेषक को राजनीति के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
AAP नेताओं ने वांगचुक की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। 1988 में उन्होंने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख की स्थापना की और सरकारी स्कूल प्रणाली में सुधार के लिए ऑपरेशन न्यू होप की शुरुआत की। लेह में उन्होंने उन छात्रों के लिए वैकल्पिक विद्यालय खोला जो पारंपरिक परीक्षा प्रणाली में असफल रहे थे।
2018 में उन्हें शिक्षा सुधार और समाज सेवा के लिए प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वांगचुक ने कठिन परिस्थितियों वाले लद्दाख में टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा से गर्म होने वाली मिट्टी की इमारतों का निर्माण किया, जो -15 डिग्री सेल्सियस की ठंड में भी +15 डिग्री तापमान बनाए रखती हैं। इसके अलावा, उन्होंने कृत्रिम हिमनद ‘आइस स्तूप’ का आविष्कार किया, जिससे सर्दियों में संग्रहित पानी किसानों को वसंत ऋतु में उपलब्ध कराया जा सकता है।
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