जेट फ्यूल महंगा होने से लुफ्थांसा का बड़ा फैसला, 20,000 उड़ानें रद्द

यूरोप की प्रमुख एयरलाइन कंपनी लुफ्थांसा एजी ने अपने समर शेड्यूल में बड़ा बदलाव करते हुए लगभग 20,000 छोटी दूरी की उड़ानें रद्द करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने यह कदम जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण उठाया है, जो ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद लगभग दोगुनी हो गई हैं।
सीट क्षमता में मामूली कमी, ईंधन की बड़ी बचत
एयरलाइन के मुताबिक इस कटौती से कुल उड़ान क्षमता पर लगभग 1 प्रतिशत का असर पड़ेगा, लेकिन इससे करीब 40,000 टन जेट ईंधन की बचत होने की उम्मीद है। कंपनी का कहना है कि यह कदम परिचालन लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
पहले से ही चल रही है फ्लाइट कटौती की प्रक्रिया
लुफ्थांसा ने पहले ही अपने रीजनल ऑपरेशंस यूनिट “सिटीलाइन” को बंद करने और 27 पुराने तथा अधिक ईंधन खपत करने वाले विमानों को ग्राउंड करने का फैसला लिया था।
मंगलवार से 120 उड़ानों को रद्द किया गया है, जो मई के अंत तक लागू रहेगा। इसके बाद गर्मियों के पूरे सीजन के लिए और कटौतियों की घोषणा अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में की जाएगी।
वैश्विक स्तर पर भी एयरलाइंस पर दबाव
एविएशन सेक्टर पर भी वैश्विक दबाव देखा जा रहा है। डेटा एनालिटिक्स कंपनी सिरियम लिमिटेड के अनुसार, मई में वैश्विक उड़ान क्षमता में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
पहले इस साल 4 से 6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब कई क्षेत्रों में गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
लागत घटाकर मुनाफा बढ़ाने की रणनीति
लुफ्थांसा आने वाले वर्षों में अपने खर्च कम करने पर भी जोर दे रही है। कंपनी ने 2030 तक लगभग 4,000 प्रशासनिक नौकरियों में कटौती की योजना बनाई है।
इसके अलावा, छोटी दूरी की उड़ानों को कम लागत वाली सहायक एयरलाइंस जैसे “सिटी एयरलाइंस” और “डिस्कवर” को सौंपने की तैयारी है, जहां ऑपरेशनल खर्च मुख्य एयरलाइन की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत तक कम होगा।
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