मीरापुर मंडी समिति फिर विवादों में, वायरल वीडियो के बाद कर्मचारियों पर लगे गंभीर आरोप

मुजफ्फरनगर की मीरापुर मंडी समिति एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर सामने आए दो अलग-अलग वीडियो ने मंडी समिति की कार्यप्रणाली और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में एक युवक आरोप लगाते हुए कहता नजर आ रहा है कि मंडी समिति से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी देर रात सड़कों पर वाहनों को रोककर कथित रूप से अवैध वसूली करते हैं। आरोप यह भी है कि इस दौरान लाल-नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल कर वाहन चालकों पर दबाव बनाया जाता है।

युवक का दावा है कि मंडी समिति की ओर से लाल या नीली बत्ती लगाने की कोई वैध अनुमति नहीं है, इसके बावजूद रात के समय चेकिंग के नाम पर वाहनों को रोका जाता है और कथित तौर पर उनसे वसूली की जाती है। वीडियो में मंडी सहायक सागर कुमार को मंडी इंस्पेक्टर बताते हुए उन पर भी आरोप लगाए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मंडी समिति के कर्मचारी विशेषकर लकड़ी से भरे वाहनों को निशाना बनाकर उनसे कथित वसूली करते हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
मामले पर मंडी निरीक्षक मुकेश कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि जिन लोगों पर कार्रवाई की जाती है, वे ही इस तरह के आरोप लगाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वाहन पर लगी बत्ती एसडीएम की अनुमति से उपयोग की जा रही है।

वहीं मंडी सहायक सागर कुमार ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वह उस समय होटल में भोजन कर रहे थे, तभी एक युवक ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे।
इधर, जानसठ एसडीएम रश्मि लांबा ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके स्तर से इस तरह की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पहले किसी अधिकारी द्वारा अनुमति दी गई है तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
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