“मोदी मेरे दोस्त हैं”- ट्रंप के बयान से भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती

HIGHLIGHTS
- हाल के महीनों में टैरिफ और व्यापारिक तनाव को लेकर भारत और अमेरिका के बीच आई दूरी अब कम होती दिखाई दे रही है।
- दोनों देशों के रिश्तों में फिर से सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है।
- इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिए हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की।
- अमेरिका की स्वतंत्रता घोषणा की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी मौजूद थे।
- ट्रंप ने प्रधानमंत्…
नई दिल्ली। हाल के महीनों में टैरिफ और व्यापारिक तनाव को लेकर भारत और अमेरिका के बीच आई दूरी अब कम होती दिखाई दे रही है। दोनों देशों के रिश्तों में फिर से सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिए हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की।
अमेरिका की स्वतंत्रता घोषणा की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी मौजूद थे। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी मित्र बताते हुए कहा कि वह उन्हें बहुत पसंद करते हैं और उन्हें एक मजबूत नेता मानते हैं।
भारत दौरे पर हैं मार्को रूबियो
चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही इस पर सहमति बन सकती है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी और दीर्घकालिक साबित होगा। रूबियो ने संकेत दिया कि व्यापारिक वार्ताओं में हाल के दिनों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
जयशंकर ने उठाए वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़े मुद्दे
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रूबियो के बीच हुई वार्ता में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, अहम खनिज और तकनीकी सहयोग जैसे कई विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान जयशंकर ने अमेरिका की नई वीजा और ग्रीन कार्ड नीतियों को लेकर भारत की चिंताओं से भी रूबियो को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अवैध आव्रजन से निपटने की प्रक्रिया का असर कानूनी और पेशेवर आवाजाही पर नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि इससे शिक्षा, शोध और व्यापारिक सहयोग प्रभावित हो सकता है।
व्यापार समझौते को लेकर दोनों पक्ष आशावादी
संयुक्त प्रेस वार्ता में रूबियो ने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जल्द ही भारत आएंगे और दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम तेज किया जाएगा।
वहीं जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में यह एक अहम कदम होगा।
“अमेरिका फर्स्ट” और “इंडिया फर्स्ट” पर चर्चा
जयशंकर ने कहा कि जैसे अमेरिका अपनी विदेश नीति “अमेरिका फर्स्ट” के सिद्धांत पर आगे बढ़ा रहा है, वैसे ही भारत भी “इंडिया फर्स्ट” के दृष्टिकोण के साथ अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है।
उन्होंने कहा कि भारत संघर्षों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है और वैश्विक व्यापार तथा आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित बनाए रखने में भरोसेमंद साझेदारियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानता है।
भारतीयों पर नस्ली टिप्पणियों को लेकर रूबियो की प्रतिक्रिया
अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ हो रही नस्ली टिप्पणियों के सवाल पर रूबियो ने कहा कि ऐसे बयान गंभीर हैं और हर समाज में कुछ लोग गैर-जिम्मेदार टिप्पणियां करते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका उन प्रवासियों के योगदान से मजबूत बना है, जो दुनिया के अलग-अलग देशों से आकर वहां की मुख्यधारा का हिस्सा बने और देश की प्रगति में योगदान दिया। रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी आव्रजन सुधारों का उद्देश्य भारत को निशाना बनाना नहीं है।
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