कमजोर पड़ा ‘मोंथा’, लेकिन तबाही जारी- कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

चक्रवात ‘मोंथा’ भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन इसका असर अब भी कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में भारी तबाही हुई है।
आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की जान चली गई, 42 मवेशी मारे गए और लगभग डेढ़ लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। तेलंगाना के कई जिलों में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सूर्यापेट में पेड़ गिरने से बाइक सवार की मौत हो गई, जबकि खम्मम जिले में एक ट्रक चालक पानी में बह गया।
उत्तर भारत के राज्यों में भी ‘मोंथा’ का असर महसूस किया गया। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में रुक-रुक कर बारिश जारी है। गुरुवार को यूपी के अयोध्या, लखनऊ और कानपुर सहित 15 जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। काशी में जलभराव से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भोपाल और इंदौर में तेज हवाएं चलीं। राजस्थान के जयपुर, अलवर और करौली में सुबह बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
उधर, नेपाल में चक्रवात के प्रभाव से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। नेपाल मौसम विभाग ने 26 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
आंध्र प्रदेश में 11,000 बिजलीकर्मी राहत कार्य में जुटे
आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव के. विजयानंद ने बताया कि राज्य में बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए 11,000 से अधिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुवार शाम तक लगभग पूरी बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि बापटल जिले के एक चर्च में फंसे 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने बचावकर्मियों की प्रशंसा करते हुए राहत अभियान का वीडियो भी साझा किया, जिसमें लोग पानी में फंसे दिखाई दे रहे हैं।
चक्रवात ‘मोंथा’ से 5,265 करोड़ रुपये का नुकसान
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि राज्य को करीब 5,265 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। इसमें सड़क एवं भवन विभाग को 2,079 करोड़, कृषि को 829 करोड़, मत्स्य पालन को 1,270 करोड़ और जल संसाधन विभाग को 207 करोड़ रुपये की क्षति हुई है।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं और पुलों को नुकसान पहुंचा है। नेल्लोर, बापटल और प्रकाशम जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जबकि लैंडफॉल कोनसीमा जिले के अंतरवेदी गांव के पास हुआ।
तेलंगाना में हजारों लोग राहत शिविरों में
तेलंगाना के वारंगल और हनमकोंडा जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।
राजस्थान में बीसलपुर बांध के गेट खोले गए
राजस्थान में चक्रवात के प्रभाव से कई जिलों में बारिश हुई। बीसलपुर बांध के दो गेट खोलकर बनास नदी में करीब 24,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रदेश के 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में 25 जिलों में यलो अलर्ट, यूपी में तीन दिन तक असर
बिहार के 25 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का यलो अलर्ट जारी किया गया है। पटना, औरंगाबाद और भागलपुर सहित कई जगहों पर सुबह से बारिश हो रही है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल जिलों में भी बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान का असर तीन दिन तक रहेगा। शुक्रवार को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
काशी और गोरखपुर में खेतों में खड़ी धान और आलू की फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि तेज हवाओं से तैयार फसलें गिर गई हैं।
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