एमपी: किसान आंदोलन के बीच ACP मोनिका शुक्ला का साहस, अकेले बस रोकने का वीडियो वायरल

HIGHLIGHTS
- भोपाल किसान आंदोलन के दौरान ACP मोनिका शुक्ला ने बस के सामने खड़े होकर संभाला मोर्चा।
- ACP के साहसिक कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
- सरकार से बातचीत के बाद किसान आंदोलन खत्म, मूंग खरीदी और ई-टोकन पर बनी सहमति।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बढ़ते तनाव के बीच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) मोनिका शुक्ला ने अकेले ही एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
एसीपी मोनिका शुक्ला बैरिकेड के तौर पर खड़ी बस के सामने पहुंच गईं और अपने हाथों से उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। उनके इस साहसिक कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे ड्यूटी के प्रति समर्पण, साहस और महिला पुलिस अधिकारी के हौसले की मिसाल बता रहे हैं।
किसानों ने भोपाल में डाला डेरा
यह घटना भोपाल में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान हुई। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में 19 किसान संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता 27 जुलाई को नर्मदापुरम से पैदल यात्रा करते हुए भोपाल पहुंचे थे। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के बावजूद किसान रोशनपुरा चौराहे तक पहुंच गए।
इसके बाद किसानों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने रास्तों पर बसों को बैरिकेड के रूप में खड़ा किया था।
बस के सामने खड़ी हो गईं एसीपी मोनिका शुक्ला
प्रदर्शन के दौरान जब किसानों ने बैरिकेड हटाने और वहां खड़ी बसों को धक्का देकर आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो मौके पर तनाव बढ़ गया।
इसी दौरान एसीपी मोनिका शुक्ला आगे बढ़ीं और बस के ठीक सामने खड़ी हो गईं। उन्होंने दोनों हाथों से बस को रोकने का प्रयास किया और उसे आगे नहीं बढ़ने दिया।
कुछ देर तक एसीपी मोनिका शुक्ला बस के सामने डटी रहीं, जिसके बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट गए।
सरकार से बातचीत के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
किसान आंदोलन के तीसरे दिन देर रात मंत्रालय में सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने घोषणा की कि सरकार सीहोर, हरदा और नर्मदापुरम समेत प्रमुख जिलों में करीब तीन क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से 60 प्रतिशत तक मूंग खरीदेगी।
इसके लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त और खरीदी की अंतिम तारीख 20 अगस्त तक तय की गई है। इसके अलावा खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सहमति बनने के बाद प्रशासन ने किसानों को बसों के माध्यम से उनके वाहनों तक पहुंचाकर रवाना किया। इसके बाद भोपाल के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई।
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