नई श्रम संहिताएं लागू, मांडविया बोले- श्रमिक और उद्योग एक-दूसरे के पूरक

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने केंद्र सरकार को गरीबों के हित में काम करने वाली और उद्योगों के विकास को गति देने वाली सरकार बताया है। उन्होंने कहा कि देश में लागू की गई नई श्रम संहिताएं श्रमिकों और उद्योगों के बीच बेहतर संतुलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि श्रम और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों के बीच प्रभावी तालमेल के लिए बदलाव को अपनाना जरूरी है।
29 पुराने कानूनों को मिला नया ढांचा
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि नई श्रम संहिताओं के तहत 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर एक सरल और आधुनिक प्रणाली तैयार की गई है। इससे नियमों को समझना और लागू करना दोनों आसान हो जाएगा।
चार श्रम संहिताएं पूरी तरह लागू
सरकार ने पांच साल के अंतराल के बाद इस महीने की शुरुआत में चार नई श्रम संहिताओं को पूरी तरह लागू कर दिया है। इनमें शामिल हैं—
- वेतन संहिता 2019
- औद्योगिक संबंध संहिता 2020
- सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियां संहिता 2020
इन सभी संहिताओं को 21 नवंबर 2025 से लागू किया गया है।
उद्देश्य: सरल और पारदर्शी श्रम व्यवस्था
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मकसद श्रम कानूनों को सरल बनाना, श्रमिकों की सुरक्षा बढ़ाना और उद्योगों के लिए नियमों को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.